श्रेणी: सतमेझरा

ओवरटाइम करत चोर

– आलोक पुराणिक यूपी में पड़े वाला नैशनल कैपिटल रीजन उर्फ एनसीआर के एगो शहर के दर्जन भर घर में चोरी हो गइल. लोग थाना में रिपोर्ट लिखावे चहुँपल त थानाध्यक्ष ओह लोग के डांटत कहलसि – हमनी का बस बलात्कार का पीछे पड़ल बानी...

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गरमी से निपटे के उपाय

– आलोक पुराणिक चुनावी बक-चक से बहरि आ गइल होखीं, त कुछ ठोस, असली मुद्दन के बात क लिहल जाव. अगर रउरा बड़का आदमी ना हईं, त गरमी रउरा के सताई. वइसे जे बड़का आदमी ना होला, ओकरा के गरमीए का सरदिओ सतावेले. नत्थू हवलदारो सतावेला,...

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हरला के हरिबोल

– जयंती पांडेय जान जा राम चेला अबकि के चुनाव के अजबे हाल बा. नेताजी हार गइले लेकिन दुखी नइखन. काहे कि उनका दुख में शामिल होखे वाला केहु नइखे. सबलोग पार्टी के खुशी में शामिल बा. पार्टी जीत गइल ओह में नाच रहल बा. एगो नेताजी...

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भउजी हो !

भउजी हो ! का बबुआ ? बिहार आ भोजपुरी में का एक जइसन बा ? अपना हक ला घिघियाए के आदत. तनी अउरी साफ करऽ. बिहार के विशेष राज्य के दरजा चाहीं आ भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में जगहा. दुनू के मालूम बा कि एह बात ला पहिले से...

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जेकरा लगे लाठी ओही के लगे भईंस

– जयंती पांडेय नेताजी काल्हु दुपहरिया में गावें अइले. चुनाव के मौसम बा ना त ऊ अइसन जरत दुपहरिया में एसी से निकले वाला जीव ना हउअन. काम रहे सब वरकरन के चुनाव के पाठ पढ़ावल. वइसे त ऊ पिछलको चुनाव में ई पठवा पढ़वले रहले लेकिन...

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