Category: सतमेझरा

बेबस बूढ़ पुरनिया

– डाॅ. अशोक द्विवेदी बुढ़ापा आदमी के अवसान का पहिले क आखिरी पड़ाव (लास्ट स्टेज) ह. शरीर के कमजोरी आ अक्षमता त बढ़िये जाला, ऊपर से परिवार आ समाज के उपेक्षा आ अपनन के अमानवी तिरस्कार बूढ़-ठेल अदिमी के भितरियो से तूरि देला....

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अनसोहाते अनसाईल अनसाह (बतकुच्चन – 194)

कबो ट्रेन के टाइम त कबो हवाई जहाज के टाइम का चलते अनसोहाते मौका मिल जाला बतकुच्चन से आराम करे के. सोहाव त ना बाकिर कुछ देर ला सोहावन जरूर लागेला. आ आज एहीसे अनसोहाते पर बतकु्च्चन करे के मन बनवले बानी. अब रउरा एहसे अनस आवे, रउरा...

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नाता जोरे भर नेह

– डाॅ. अशोक द्विवेदी आज फजिरहीं बहरा निकलते झमरझम बरखा से सामन भइल. राजधानी घंटन बरखा से नहात रहे. गाँवे़ं फोन लगाइ के एगो सँघतिया से टोह लेहनी त पता चलल कि उहाँ बादर क नाँवे-निशान नइखे. परसों तनी मनी सीति चाटे भर पानी परल...

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सपना देखल आ देखावल

– डाॅ. अशोक द्विवेदी चउधुरी साहेब के पम्पिंग सेट जब मर्जी होला तबे चलेला. दस लीटर डीजल दिहला पर, तीन चार दिन दउरवला का बाद एक दिन चलल त रामरतन के बेहन परि गइल आ जब रोपे क बेरा आइल त कीच-कानो भर क बरखा भइल. दू दिन का छिलबिल...

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धरना प्रदर्शन से लवटि के

बियफे, 6 अगस्त, जंतर मंतर, नई दिल्ली. धरना प्रदर्शन क पेटेन्ट जगह. ‘वन रैंक वन पेंशन’ पर जुटल जुझारू फौजी भाइयन का धरना-शिविर का सटले, सोझहीं हमनियो का “भोजपुरी भाषा के आठवीं अनुसूची में शामिल करे खातिर”...

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