भोजपुरी फिल्मों के लिए सब्सिडी की मांग
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भोजपुरी फिल्मों के उत्तर प्रदेश में सिकुड़ते दायरे से अब भोजपुरी प्रेमियों के बीच चिंता बढ़ने लगी है ..इसी के मद्दे नज़र अब भोजपुरी फिल्मों को सब्सिडी दिए जाने की मांग भी उठने लगी है …यूपी के नामचीन वितरक रजू अंसारी के मुताबिक़ -भोजपुरी फिल्मों ने उत्तर प्रदेश में कारोबार की नयी इबारत लिखी .. ससुरा बड़ा पैसावाला जैसी फिल्मों की कामयाबी ने ये साबित कर दिया की इस भाषा की फ़िल्में भी हिंदी फिल्मों का मुकाबला कर सकती हैं ..लेकिन सरकारी तौर पर इन फिल्मों को कोई संरक्षण प्राप्त नहीं है ..उनके मुताबिक़ हर राज्य क्षेत्रीय फिल्मों के विकास के लिए कई तरह की सुविधाएं प्रदान करती है ..लेकिन भोजपुरी फिल्मों को लेकर सरकार का रवैय्या हमेशा से नकारात्मक रहा है …लम्बसे अरसे तक सुभाष घी की मुक्त आर्ट्स से सम्बद्ध रहे रजू अंसारी उत्तर प्रदेश में भोजपुरी फिल्मों को आगे बढाने में अहम् रोल निभा रहे हैं ..उनका कहना है की ने अपनी कामयाबी का डंका बजाया फिल्म ने अछी कमाई की और फिर सुरु हुआ भोजपुरी फिल्मो का दौर और इस दौर में लोगो ने कन्धा से कन्धा मिलाकर पूरा सहयोग किया हमारी बातचीत में श्री रजू अंसारी ने बताया की हिंदी फिल्म अपनी जगह कमाई कर रही है और भोजपुरी फिल्म अपनी जगह सबसे बड़ी बात है की भोजपुरी फिल्मों ने पहले से अच्छा बिकाश किया है पहले भोजपुरी फिल्मे टेक्निकली कमजोर होती थी अब हिंदी फिल्मो जैसा एक्सन डिजिटल पिक्चर क्वालिटी गाने अछे लोकेसनो में शूट की जाती है जिससे पब्लिक को हिंदी फिल्मो जैसा क्वालिटी भोजपुरी फिल्मो में देखने को मिल रहा है हमने रजू जी से पूछा की जिस तरह से भोजपुरी फिल्मो में नए कलाकारों को लेके भोजपुरी फिल्म बनाने पर उतर प्रदेश सरकार को सबसिटी दे या टेक्स हटाने को मांग को लेकर जिस तरह से भोजपुरी फिल्म कलाकार एसोसिएसंन उतर प्रदेश ने बीड़ा उठाया है इसपे आपका क्या कहना है देखिये ये तो बहुत अछा होगा अगर ऐसा हुआ तो हमारे अपने बीच के नये कलाकार को कोई भी प्रोडूसर लेने को तैयार नहीं होता है क्यों की नए हीरो को लेकर फिल्मे बनाना थोडा रिक्सी होता है अगर ऐसा हुआ तो कोई भी प्रोडूसर किसी नये लडके को लेके फिल्म बनाने में हिच्कायेगा नहीं और हमारे बीच के नये नौजवान जो फिल्मो में काम करना चाहते है लेकिन काम आसानी से नहीं मीलता अब उनके लिए फिल्मो में काम करना आशान हो जायेगा और मेरी भी येही सोच है की कम से कम भोजपुरी फिल्मो को जो उतर प्रदेश में शूट होती है उन भोजपुरी फिल्मो पर से टेक्स हटाना चाहिए;


(स्रोत – स्पेस क्रिएटिव मीडिया)

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