उदय शंकर के दू गो कविता
(1) नून इक दिन बहुत हाहाकार मचल भात, दाल, तरकारी में। काहे भैया नून रूठल बा बइठक भइल थारी में।...
Read More(1) नून इक दिन बहुत हाहाकार मचल भात, दाल, तरकारी में। काहे भैया नून रूठल बा बइठक भइल थारी में।...
Read MorePosted by Editor | Sep 25, 2022 | शेयर-व्यापार |
ट्रेडिंग में सफलता चाहीं त नवीन पटनायक बन के रहीं, नीतीश बने चलब त सब कुछ बिलाए वाला बा. नवीन बाबू...
Read MorePosted by Editor | Sep 22, 2022 | शेयर-व्यापार |
शनीचर आ अतवार के छुट्टी रहे वाला बा आ ब्याजदर बढ़ावे के अमेरिकी फेड के फैसला का चलते अमेरिकी बाजार...
Read MorePosted by Editor | Sep 21, 2022 | शेयर-व्यापार |
बियफे साप्ताहिक सलटान के दिन होला एहसे सम्हरिए के रहे के बा. दोसरे अमेरिका से का संकेत आवत बा एकरो...
Read MorePosted by Editor | Sep 21, 2022 | शेयर-व्यापार |
रोज का तरह पहिले एकर लेखा-जोखा कर लिआव कि आजु मंगल का बारे में हमार अनुमान कइसन रहल – 1....
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