आजु जब करीब करीब हर व्यस्क हाथ में मोबाइल बा त ई जिनिगी के बहुत सुविधा देला का साथही कुछ समस्यो पैदा कर रहल बा। एगो कहावत ह कि बुड़बड़बकक का लगे पईसा होखे त चाल्हाक खइला बिना ना मरे। कहे के मतलब कि अगर मोबाइल चलावे वाला बुड़बकई करे त ओकरा से फायदा उठावे वाला शातिर ठग आ अपराधियन के कतार तइयार बा। आजु के लेख एही पर बा कि कइसे हमनीका छोट छोट सावधानी राखि के अपना के एह डिजिटल दुनिया में सुरक्षित राख सकीलें।

डिजिटल सुरक्षा: ऑनलाइन ठगी आ फ्रॉड से बचे के अचूक मंतर
आजु का डिजिटल ज़माना में जहवाँ इंटरनेट हमनी के जिनगी आसान क देले बा, ओहिजा एगो छोटहन चूक पूरा कमाई सफ़ा चट क सकेले। सोशल मीडिया पर प्राइवेसी लीक होखे के डर होखे भा त बैंक खाता से पैसा उड़े के। डिजिटल सुरक्षा (Digital Safety) आज के समय में सबसे बड़ जरूरत बन गइल बा। सोशल मीडिया आ वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) दुनों जगहा अपना के सुरक्षित राखे खातिर कुछ महत्वपूर्ण आ काम लायक उपाय ब्योरा का साथे दिहल जात बा:
वित्तीय सुरक्षा: बैंक खाता आ गाढ़ी कमाई के रक्षा कइसे करीं?
मजबूत पासवर्ड बनाईं: कवनो बैंकिंग ऐप भा डिजिटल वॉलेट (UPI) में अपन नाँव, जनम तिथि भा मोबाइल नंबर जइसन आसान पासवर्ड मत राखीं। पासवर्ड में अक्षर, नंबर आ स्पेशल कैरेक्टर (#, @, $) के मिलावट जरूरी बा। कई बेर जटिल पासवर्ड बनावलो दिक्कत कर देला काहे कि समय पर ईयाद ना पड़े आ ओकरा के कतहीं लिख के राखल खतरनाक मानल जाला। त रउरा कवनो मुहावरा, दोहा, वगैरह के सहायता ले सकीलें। कोशिश इहे रहे कि ऊ कहावत भा दोहा बहुते लोकप्रिय मत होखे। मान लीं कि हम एगो पासवर्ड बनावल चाहत बानी। आ हमरा कमाल के दोहा इयाद पड़त बा –
चलती चाकी देखि के हँसा कमाल ठठाय,
कील पकड़ कर जो रहे कबो ना पीसा जाय।
अब एकरा के रोमन में लिख लीं –
Chalti Chakki Dekhi Kar Hansa Kamal Thathay,
Keel Pakad Kar Jo Rahe Kabhi Na Peesa Jay.
अब एकरा से पासवर्ड बनाईं त CCDKHKTKEPKJRKNPJ बना सकीलें। अब एकरा में कवनो खास अक्षर अगर दुबारा आवे त या त पहिलका के भा बाद में आवे वाला के small character में कइल जा सकेला। अब एही बीच अपना पसन्द से कुछ संख्या ( 1 3 4 9 वगैरह) आ संकेतो (@#$%^&!) के डाल दीं।
ई महज एगो उदाहरण खातिर दीहल गइल बा। बाकिर कैपिटल स्माल संख्या आ संकेतन के अतना संभावना बा कि ओकरा के आसानी से अनुमान ना कइल जा सकी। हँ आर्टिफिशियल इन्टेलेक्ट के जमाना में एकरो उपाय निकाल सकेलें। ‘तू डार डार, हम पात पात’ वाला अंदाज में।
हर दू तीन महीना पर पासवर्ड बदलत रहे के चाहीं।
ओटीपी (OTP) केकरो ना बताईं:
बैंक के कवनो अधिकारी बन के फोन करे भा कवनो लॉटरी के लालच देवे, कवनो हाल में अपना मोबाइल पर आइल ओटीपी (OTP) भा यूपीआई पिन (UPI PIN) केकरो साथे साझा मत करीं। याद राखीं कि बैंक कबहूँ फोन पर ओटीपी भा पिन ना माँगेला।
यूपीआई करे खातिर एगो अइसन खाता राखीं जवना में कामे भर के रुपिया जमा होखे। ओकरे से यूपीआई करीं आ बीच बीच में ओह खाता में जमा करत रहीं जेहसे कबो अगर धोखाधड़ी हो जाव त नुकसान कमे के होखे।
अनजान लिंक पर क्लिक मत करीं:
व्हाट्सएप भा मैसेज पर आवे वाले अइसन लिंकन से बचीं जहवाँ लिखल होखे—”एह लिंक पर क्लिक करीं आ फ्री रीचार्ज भा 5000 रुपया पाईं।” अइसन लिंक पर छुअतहीं मोबाइल के सारा गुप्त डेटा हैक हो सकेला।
फर्जी वेबसाइट से बचीं:
कवनो ऑनलाइन शॉपिंग भा पेमेंट करत घरी ब्राउज़र के एड्रेस बार में ध्यान से देखीं कि https:// लिखल बा कि ना। जदि सिर्फ http:// बा (बिना ‘s’ के), त उ वेबसाइट सुरक्षित नईखे आ ओइजा अपन एटीएम कार्ड के डिटेल कबहूँ मत डालीं।
पब्लिक वाई-फाई से दूरी:
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड भा कवनो होटल के फ्री वाई-फाई (Public Wi-Fi) से कनेक्ट क के कबहूँ बैंक के लेन-देन भा कवनो ऑनलाइन पेमेंट मत करीं। अइसन नेटवर्क पर हैकर्स लोग घात लगा के बैठल रहेला।
सोशल मीडिया सुरक्षा: ऑनलाइन इज्जत आ प्राइवेसी के पहरा
सोशल मीडिया पर सावधानी:
फेसबुक, इंस्टाग्राम भा कवनो अउरी प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी जइसे—घर के पता, फोन नंबर, जनम तिथि भा गाड़ी के नंबर कबहूँ पोस्ट मत करीं। अपराधी लोग एही जानकारी के इस्तेमाल क के फर्जीवाड़ा करेला।

ह्वाट्सअप कॉल पर अगर राउर कवनो परिचित के फोटो आ आवाज में सहायता के फोन आवे त हड़बड़ा के सहायता कर मत दीं। अपना घर परिवार के बेकत का बीच कवनो आसान कोडवर्ड बना के राखीं जे अइसन समय बतावल जरुरी होखे। दोसरे अइसन कॉल अइला पर फोन तुरते काट दीं आ दोसरा कवनो नजदीकि से फोन कर के असली स्थिति के पता लगाईं। रउरा सीधे अपना परिवार के बेकत का नंबरो पर कॉल कर के देख सकीलें। अधिकतर समय ऊ फोन उठबो करी आ उहे बेकत बता दी कि कवनो समस्या नइखे। ह्वाट्सअप भा सोशल मीडिया पर आइल निहोरा पर कबो कवनो सहायता मत करीं।
अनजान लोग से दूरी:
सोशल मीडिया पर कवनो भी अनजान आदमी भा मेहरारू के फ्रेंड रिक्वेस्ट बिना जांच-परख के स्वीकार मत करीं। आज-काल्ह ‘हनी ट्रैप’ आ वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करे के धंधा बहुत तेजी से बढ़ रहल बा।
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): अपना फेसबुक, व्हाट्सएप आ गूगल अकाउंट के सेटिंग में जा के ‘Two-Factor Authentication’ आज ही ऑन क लीं। एकरा से जदि कवनो के राउर पासवर्ड मालूमो हो जाई, तबों उ बिना रउआ मोबाइल पर आइल स्पेशल कोड के अकाउंट लॉगइन नईखे क सकत।
फर्जी ऐप डाउनलोड मत करीं:
कवनो सोशल मीडिया के कस्टमाइज्ड रूप (जइसे- GB WhatsApp, Pink WhatsApp) प्ले स्टोर से बाहर कवनो अनजान वेबसाइट से डाउनलोड मत करीं। ई सब ऐप रउआ चैट्स, फोटो आ निजी डेटा चोरी करे खातिरे बनावल गइल बाड़ी सँ।
जदि ठगी हो जाव, त तुरंत का करे के चाहीं?
जदि कवनो भूल से रउआ साथे ऑनलाइन फ्रॉड हो गइल बा आ खाता से पैसा कट गइल बा, त घबराए के जरूरत नईखे। तुरंत ई तीन गो काम करीं:
हेल्पलाइन नंबर 1930:
भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत फोन क के अपनी शिकायत दर्ज कराईं। जदि रउआ 2 घंटा के भीतर फोन कर देब, त ठग के खाता फ्रीज क के पैसा वापस आवे के संभावना बहुत बेसी रहेला।
बैंक के सूचना:
तुरंत अपना बैंक के कस्टमर केयर पर फोन क के अपन एटीएम (ATM) कार्ड आ नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाईं।
साइबर पोर्टल:
सरकारी वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जा के ऑनलाइन लिखित शिकायत दर्ज करीं।
ले दे के एके बात :
जागरूक रहीं, सुरक्षित रहीं!डिजिटल सुरक्षा कवनो बहुत बड़ रॉकेट साइंस नईखे, ई बस रउआ सावधानी आ सतर्कता पर निर्भर करेला। जइसहीं कवनो संदेहास्पद फोन कॉल आवे, तुरंत सतर्क हो जाईं आ कवनो कदम उठावे से पहिले घर के कवनो जानकार आदमी से सलाह ज़रूर लीं। लालच आ हड़बड़िए साइबर अपराधियों के सबसे बड़ हथियार होला।


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