भरत के हत्या एह चलते कि ऊ तिवारी रहलन?
Was Bharat murdered because he was a tiwari
सवाल सचहूं बहुते बड़ बा। पिछला 18 जून 2026 का दिने दिन दहाड़े कैमरा का सोझा भोजपुर जिला के भरत भूषण तिवारी के पुलिस गोली मार दिहलसि। बाकिर सात आठ दिन बितलो का बाद तय नइखे कहल जा सकत कि भरत तिवारी के गोली काहे मारल गइल। राजनीतिक विरोध एकरा के सीधे एह तरह से पेश कर रहल बा कि भरत के हत्या बस एही चलते क दिहलसि पुलिस कि ऊ ‘तिवारी’ रहलन। अगर ई आरोप सच बा त सचहूं बहुते खतरनाक सच बा।

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बिहार के भोजपुर जिला के गाँव बिलौत के रहे वाला भरत तिवारी सोशल मीडिया पर बहुते सक्रिय रहलन। गाँव वालन के कहना बा कि ऊ नियमित रूप से स्थानीय समस्यन के लेके आवाज उठावत रहलन जवना में बाढ़, कटान, आ विस्थापन का चलते होखत समस्या आ ओकरा निवारण में होखत धांधली का खिलाफ ऊ लगातार लिखत रहलन। शायद एही चलते ऊ कुछ बड़का शिकारियन का निगह मे चढ़ गइलन आ ओहनिये के आदेश का चलते पुलिस निहत्था भरत तिवारी के दिन दहाड़े कैमरा का सोझा गोली मार देबे के जुर्रत कर लिहलसि। पुलिस के उमेद रहल होखी कि मोबाइल से तस्वीर लेत भरत भूषण के हत्या का बाद उनुकर मोबाइले गायब क दिआई। बाकिर ओहनी के दुर्भाग्य से तब भरत भूषण तिवारी फेसबुक पर लाइव रहलन।
बतावल जात बा कि ओह वीडियो में साफ लउकत बा कि भरत आपन रिवाल्वर नीचे रख के हाथ खड़ा कर देत बाड़न बाकिर तबहियों ‘उपर’ के आदेश पालन करत पुलिस उनुका के गोली मार दिहलसि। बात अतने ले रहि जाइत त शायद कुछ अउर निष्कर्ष निकल सकत रहुवे। बाकिर जइसन कि खबर आवत बा कि मरल भरत के लाशो पर पुलिस का जीप का भीतर उनुका निजी अंग पर गोली मारल गइल। ई बतावत बा कि हो ना हो भरत के यौन सबंध कवनो ‘उपर’ वाला भा कवनो बड़का पुलिस अधिकारी के बेटी बहिन बीबी महतारी से रहल होखी जवना के खुन्नस निकाले ला भरत के मरला का बादो उनुका निजी अंग के गोली से भून दीहल गइल। ई घटना अगर साँच बा त एकर संकेत कुछ घिनाहो निकलत बा।
अतना दिन बादो पुलिस भरत का खिलाफ कवनो आपराधिक पृष्ठभूमि के इतिहास सामने नइखे कर पवले। बस अतने कहत बिया कि भरत तिवारी विक्षिप्त हो गइल रहलन आ पुलिस पर रिवाल्वर तान दिहले रहलन जवना का बाद आत्मरक्षा में पुलिस गोली चला के उनुका के मार दिहलसि। बाकिर पुलिस आ सरकार के दुर्भाग्य से पूरा घटना फेसबुक पर लाइव हो चुकल रहल। सरकारो के आपन गलती बुझइला का चलते कुछ पुलिस वालन के निलंबित कर दीहल गइल बा। बाकिर एह लीपापोती से काम नइखे चले वाला।
अयोध्या के श्रीराममन्दिर के दान के चोरी वाला मामिला अबहीं ले शान्त नइखे भइल तबले भरत तिवारी के हत्या भाजपा ला एगो बड़हन संकट ले के आइल बा। कहीं ना कहीं कुछ बड़हन समस्या बा आ ओकर समाधान कइल भाजपा ला बहुते जरुरी बा काहे कि समय तेजी से बीतल जात बा। ब्राह्मण विरोध के अछरंग लाग गइल त ऊ भाजपा ला विनाशकारी होखी आ भाजपा विरोधी दल हाथे आइल एह मौका के बाँव ना जाए दिहें। यूपी के विकास तिवारी के हत्या आ बिहार के भरत तिवारी के हत्या में ‘तिवारी’ नाम शामिल बा। विकास के आपराधिक पृष्ठभूमि जगजाहिर रहल बाकिर भरत तिवारी का खिलाफ अबहीं ले कवनो अछरंग लगावे में पुलिस सफल नइखे हो सकल।
दुनिया में भोजपुरी भाषा में शुरू होखे वाली पहिल वेबसाइट होखे का चलते अंजोरिया डॉटकॉम के नैतिक जिम्मेवारी होला कि भोजपुरी इलाका के बड़ खबरन के अनदेखा मत करे। अपना सीमित साधन-संसाधन का चलते बहुत चहला का बावजूद एगो भोजपुरी न्यूज साइट ना चला पवनी। टटका खबर शुरु कइले रहीं बाकिर अकेला चना करिये का सकत रहे। भोजपुरी भाषी लोगन से सहजोग त दूर एगो नजरो खातिर तरसे के पड़ेला। भोजपुरी के पहिलका वेबसाइट होखे का चलते अगर उमेद राखल जाव कि पैंतीस चालीस करोड़ भोजपुरियन में से पैँतीस-चालीस हजारो लोग एकरा के सहारा दे देव, एक बेर देखे पढ़े आ जाव त बहुत कुछ हो सकत रहुवे। बाकिर भोजपुरियन में गुटबन्दी अतना बा कि हर तरह के गुट मौजूद बा। बाबाजी के अलग ग्रूप, बाबू साहबन के अलग ग्रुप, दलित साहित्यकारन के अलगे गुट। जेकर मन करे ला ऊ एगो ब्रह्माण्ड भोजपुरी सम्मेलन शुरु कर देला। आ लंगड़ी गइया के अलगे बथान का तरह हम आपन अलगे राग अलापत रहेनी।
भरत भूषण तिवारी के एनकाउन्टर के हम सीधे हत्या का तरह लिखले बानी एकरा पाछा उपलब्ध सचाई आ सबूत बा। फेसबुक लाइव पर बहुते कुछ साफ क दिहले रहलन भरत तिवारी। हमरा लगे अतना साधन नइखे कि एह मामिला के तह में जा सकीं। जतना जुटा पवनी तवना का आधार पर ई घटना कवनो ना कवनो लड़िकी भा औरत का चलते भइल। ऊ लड़िकी भा औरत केकर रहल से सोझा नइखे आवत आ शायद कबो अइबो ना करी। काहे कि सोशल मीडिया पर आवाज उठवला खातिर गोली मरवा देबे के पागलपन त समुझल जा सकेला बाकिर लाश के निजी अंग के क्षत-विक्षत कइला का पीछे जरुर कवनो ना कवनो यौन अपराध भा इतिहास बा।
जानत बानी कि रउरा सभे का शान का खिलाफ होखी कि एह पर कवनो टिप्पणी कर देब। अंजोरिया पर लिखल त दूर फेसबुक आ एक्सप्रेशनो (पुरनका ट्वीटर) पर कुछ लिखे से परहेज करेनी रउरा सभे। शायद लाज लागेला कि लोग जान मत जाव कि रउरा भोजपुरी में बोलेनी, लिखेनी, पढ़ेनी।


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