Author: Editor

प्रोडक्शन मैनेजर से निर्देशक बने के संघर्षमय सफर

गोरखपुर के शाद कुमार भोजपुरी फिल्मोद्योग में आपन एगो पहिचान बना लिहले बाड़न. उनका निर्देशन में बने वाली ढेरे फिल्मन में से पहिलका फिल्म ह त्रिनेत्र. त्रिनेत्र में धर्मेश, विनय आनन्दम विजयलाल यादव, सीमा सिंह, सपना, पंकज केसरी...

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मंगल पाण्डे से कांप उठल रहलें अंग्रेज

– धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, गोरखपुर देश के पहिलका स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी बलिया के मंगल पाण्डे के बगावत अंगरेजन के कँपा दिहले रहुवे. मंगल पाण्डेय के सैनिक कोर्ट से दू गो अंगरेज अफसरन के हत्या आ सेना से बगावत का आरोप...

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अंग्रेजी के हुकुमत पर

अभयकृष्ण त्रिपाठी अंग्रेजी के हुकुमत पर कलम चलावत बानी रेड, माई हो गइली ममी बाबूजी के करत बानी डेड।। अतना कइला पर भी अबही ले हम बैकवर्ड बानी, ठेकेदारन के कर दिहला बिना फारवर्ड मत जानी, अपना बचवन के विदेश भेज सबके गरियावत बा....

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जिनगी बेकार लागेला

– मनिर आलम हमर जिनगी हमरे अजब लागेला. आंख में लोर के सैलाब लागेला. दुनिया में तोहरा जैसन कोई नइखे. फूल जैसन चेहरा गुलाब लागेला. का जरुरत बा तोहरा पर्दा के. तोहार केश ही नकाब लागेला. काहे तोरदु तोहार कसम के. जबकि हर आंसू...

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दामाद जी

– नूरैन अंसारी नंबर कौनो भी मेहमान के आवेला उनका बाद जी. अतिथि में सबसे श्रेष्ट मानल जालेन दामाद जी. पाहून जब कबो जालेन अपना ससुराल में. घर के सब केहू लग जाला उनका देखभाल में. पकवान बने ला उहे जवन होला सबसे ख़ास. होखे ना...

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