बिहार के बढ़न्ती के वादा
– हरिराम पाण्डेय बिहार के चुनावी घमासान तेज होखल जात बा. एह चुनाव में जीते खातिर...
Read More– हरिराम पाण्डेय बिहार के चुनावी घमासान तेज होखल जात बा. एह चुनाव में जीते खातिर...
Read More– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ पश्चिम के दू शब्द “वैश्वीकरण” आ “भूमंडलीकरण” बहुते लोकलुभावन आ मनभावन बा. एकरा बाहरी रुप,रंग आ सम्मोहक ढंग पर के नइखे रीझल. एकरा साम, दाम, काम, चाम आ भेद-विच्छेद...
Read More– डाॅ. अशोक द्विवेदी गंगा, सरजू, सोन का पाट में फइलल खेतिहर-संस्कृति दरसल “परिवार” का नेइं पर बनल गृहस्थ संस्कृति हऽ. परिवार बना के रहे खातिर पुरुष स्त्री क गँठजोरा क के बिवाह संस्कार से बान्हल आ मर्यादित कइला...
Read More– डाॅ. अशोक द्विवेदी हमार बाबा, ढेर पढ़ुवा लोगन का बचकाना गलती आ अज्ञान पर हँसत झट से कहसु, “पढ़ लिखि भइले लखनचन पाड़ा !” पाड़ा माने मूरख; समाजिक अनुभव-ज्ञान से शून्य. आजकल तऽ लखनचंद क जमात अउर बढ़ले चलल जाता. ए...
Read Moreहे देशवासी; हमनी के आजादी के 68वां सालगिरह के पहिले वाला साँझ हम रउरा सभ के आ दुनिया भर के भारतवासी लोग के हार्दिक अभिनंदन करत बानी. हम अपना सशस्त्र सेना, अर्ध-सैनिक बल आ आंतरिक सुरक्षा बल के सदस्यनो के खास अभिनंदन करत बानी. हम...
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