'जै कन्हइया लाल की'
– डा॰ रमाशंकर श्रीवास्तव भोजपुरी साहित्य में डा॰ आशारानी लाल के नाम अनजान नइखे. हाले में...
Read MorePosted by Editor | Jul 25, 2013 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– डा॰ रमाशंकर श्रीवास्तव भोजपुरी साहित्य में डा॰ आशारानी लाल के नाम अनजान नइखे. हाले में...
Read MorePosted by Editor | Jul 22, 2013 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– डा॰ रमाशंकर श्रीवास्तव लोक-संस्कृति के कुँआ बड़ा गहिर होला. कुछ लोग ओमे झाँके तक से डेराला...
Read MorePosted by Editor | Jun 30, 2013 | पुस्तक चर्चा, भाषा, सरोकार, साहित्य |
भोजपुरी पंचायत के जुलाई २०१३ के अंक सामने बा आ ओकरा के पढ़त घरी प्रभाकर पाण्डेय के लिखल व्यंग्य रचना के एगो लाइन पर आँख अटक के रहि गइल कि “बुरा जो देखन मैं चला, मुझसे बुरा ना कोय”. फेर याद आ गइल कहीं पढ़ल एगो चरचा. ओह...
Read MorePosted by Editor | Apr 18, 2013 | पुस्तक चर्चा, सरोकार, साहित्य |
साप्ताहिक बाकिर नियम से ना छप पावेला पत्रिका भोजपुरी अमन के १२ अप्रेल के अंक हमरा लगे स्कैन कर के आइल त एकर बारहो पन्ना पलट गइनी. पूरा पत्रिका भोजपुरी में बा आ सगरी ना त अधिकतर सामग्री भोजपुरी सरोकारन से जुड़ल बा. आजु जब मासिक...
Read MorePosted by Editor | Mar 30, 2013 | पुस्तक चर्चा, सरोकार |
भोजपुरी पंचायत पत्रिका के अप्रेल अंक प्रकाशित हो गइल बा. एह अंक में चौतरफा फाँस में फसल शीला...
Read More
Recent Comments