Category: पुस्तक चर्चा

बुरा जो देखन मैं चला मुझ से बुरा न कोय!

भोजपुरी पंचायत के जुलाई २०१३ के अंक सामने बा आ ओकरा के पढ़त घरी प्रभाकर पाण्डेय के लिखल व्यंग्य रचना के एगो लाइन पर आँख अटक के रहि गइल कि “बुरा जो देखन मैं चला, मुझसे बुरा ना कोय”. फेर याद आ गइल कहीं पढ़ल एगो चरचा. ओह...

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"भोजपुरी अमन" साप्ताहिक पत्रिका के नयका अंक

साप्ताहिक बाकिर नियम से ना छप पावेला पत्रिका भोजपुरी अमन के १२ अप्रेल के अंक हमरा लगे स्कैन कर के आइल त एकर बारहो पन्ना पलट गइनी. पूरा पत्रिका भोजपुरी में बा आ सगरी ना त अधिकतर सामग्री भोजपुरी सरोकारन से जुड़ल बा. आजु जब मासिक...

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