अइठन से अङिया तकले के भोजपुरी शब्द
- टीम अंजोरिया

अइठन से अङिया तकले के भोजपुरी शब्द

(एहमें अपरिवर्तित तत्सम आ आगत शब्दन के शामिल नइखे कइल गइल। एक बेर एकरा के धेयान से देखीं आ अगर रउरा कुछ जोड़े भा घटावे जोग लउके त बता दीं जेहसे एकरा के सुधारल जा सके। शब्द-बिटोर का काम में सबसे बेसी संख्या में सकारे-जोग सुझाव देबे वालन के एह शब्द-बिटोर के छपला का बाद मुद्रित प्रति सादर भेंट कइल जाई।)

 

शब्द प्रकार हिन्दी अर्थ
अइठन ‌ सं. ‌मरोड़, ऐंठन, उलझाव
अइबऽ ‌ क्रि. ‌आओगे?
अइलऽ ‌ क्रि. ‌ (तूं, तुम) आये।
अइलन ‌ क्रि. ‌ (वे) आए।
अइले-गइले ‌ क्रि. ‌ आने-जाने के दौरान, आए-गए।
अइसन ‌ वि. ‌इस तरह का, इसी तरह का।
अइसन-तइसन ‌ वि. ‌ ऐसा-तैसा, साधारण या मामूली, किसी भी तरह का, बुरी तरह का व्यवहार।
अइसना ‌ वि. ‌इस परिस्थिति में।
अइसहीं ‌ वि. ‌अकारण, बिना प्रयोजन के।
अइसहूँ ‌ क्रि.वि. ‌ इस तरह भी; ऐसे भी।
अइसनके, अइसने ‌ वि. ‌ इसी तरह का, हुबहू।
अइसनो ‌ वि. ‌ ऐसा भी; इस प्रकार का भी।
अइसे ‌ वि. ‌इस तरह से।
अइहन ‌ क्रि. ‌ (वे या वह) आएँगे।
अइंठल ‌ वि., क्रि. ‌ मरोड़ना, घमण्डी।
अउर, आउर, अउरी, अउरियो, अउरू ‌ वि. ‌ और, और भी।
अउरे ‌ वि. ‌किसी और तरह का।
अउलल ‌ वि. ‌ उबाला हुआ।
अउंघल ‌ क्रि., वि. ‌ आधी नींद में लेटा हुआ, उलट कर रखना, या रखा हुआ।
अउंघाइल ‌ क्रि.वि. ‌ नींद में।
अउंघी ‌ सं, स्त्री. ‌ नींद।
अउँजा ‌ वि. ‌ बेतरतीब।
अउँजा-पथार ‌ वि. ‌ कूड़ा-कबाड़
अउँजाइल ‌ क्रि./वि. ‌ चिढ़ कर असहज होना।
अउँजावल ‌ क्रि. ‌ किसी को परेशान, असहज करना, बेतरतीब ढंग से रखना।
अउंजाह / अउंजाहिन ‌ वि. ‌ असहज या परेशान करने वाला / वाली।
अउँजाहट ‌ वि. ‌ असहज या परेशानी का भाव।
अकच-बकच ‌ वि. ‌बेकार का, फालतू, नुकसानदेह, अपाच्य।
अकचक ‌ सं. पु. ‌डर-भय, आशंका, आश्चर्य।
अकचकाके ‌ सं. पु. ‌डर-भय से, आशंका से।
अकचकाइल ‌ क्रि. ‌आशंकित होना, आश्चर्यचकित होना
अकड़ ‌ वि. ‌ घमंड का भाव, श्रेष्ठता का भाव।
अकड़ल ‌ वि. ‌ घमंड में या से
अकत ‌ वि. ‌ समूचा, पूरा, अति।
अकबक, अकबकाइल ‌ वि, क्रि. ‌ भ्रम, निरर्थक बात, भ्रम में पड़ना।
अकरहट ‌ वि. ‌ किसी बात की अति करना।
अकर-बकर ‌ सं./क्रि. ‌ ऊटपटाँग या बेसिर-पैर की बात।
अकरब ‌ वि. ‌दुखदाई।
अकरबी ‌ वि. ‌दुख देने वाला।
अकरम ‌ वि. ‌ अनुचित काम, कर्म का अभाव।
अकरमी ‌ वि. ‌ अनुचित काम करने वाला, कुछ नहीं करने वाला।
अकरास ‌ वि. ‌ आलस, सुस्ती।
अकल ‌ वि. ‌ विकल, जिसे चैन न मिल रहा हो।
अकलंक ‌ वि. ‌ कलंक
अकलंकी ‌ वि. ‌ जिस पर अकारण दोष या लांछन लग जाता हो।
अकवन ‌ सं पु. ‌मदार का पौधा।
अकस ‌ वि. ‌ दुर्भावना, बुरा भाव पैदा होना, बुरा भाव पैदा कर देना।
अकसर ‌ क्रि. वि. ‌ प्राय:।
अकसरहाँ, अकसरहा ‌ क्रि.वि. ‌ प्रायः बार-बार या अधिकतर।
अकसरुआ ‌ वि. ‌अकेले रहने वाला, अकेला पड़ा आदमी।
अकसल ‌ क्रि. ‌ दुश्मनी करना।
अकाज-सुकाज ‌ सं. ‌ बुरे-भले या हर तरह के काम, हर परिस्थिति में।
अकाजी, अकाजू ‌ वि. ‌ विघ्न या बाधा उत्पन्न करने वाला।
अकारथ ‌ वि. ‌ बेकार, जवना से कवनो फल ना निकले।
अकिल ‌ सं. स्त्री. ‌ बुद्धि, ज्ञान।
अकिलचह ‌ सं. पु. ‌ चबाने वाले तीन दाँतों में सबसे आखिरी दाँत, चहु, चर्वणक। वयस्क होने पर निकलने वाला चहु।
अकिलिया ‌ सं. ‌ सोच-विचार करने की बुद्धि वाला।
अकुतई, अकुतहट ‌ वि. ‌ जल्दबाजी।
अकुताह ‌ क्रि./वि. ‌ विलम्ब के कारण अधीर, जल्दी मचाने वाला।
अकुतात, अकुताइल ‌ क्रि./वि. ‌विलम्ब के कारण बेचैन या असमंजस में पड़ा हुआ।
अकुतावल ‌ क्रि./वि. ‌ किसी को बेचैन करना, जल्दी के लिये दबाव डालना।
अकुलाइल अकुला ‌ वि./क्रि. ‌ इच्छा पूर्ति के लिये व्याकुल या बेचैन।
अकूत ‌ वि. ‌ बेहिसाब, जिसे गिना नहीं जा सके, अनुमान से परे।
अखउत ‌ सं ‌धूरी।
अखझ ‌ वि. ‌ खाने लायक नहीं, मन भिनभिना देने वाला।
अखरल ‌ क्रि. ‌बुरा लगना, गलत लगना, अनुचित लगना।
अखरा ‌ वि. ‌ बिना चादर का बिस्तर, सूखी रोटी, बिना धोया कूटा अन्न।
अखिआँव ‌ सं./क्रि.वि. ‌ आँख भर ध्यान; गौर से देखे वाला नजर।
अखोर ‌ वि. ‌ सही, उत्तम, निर्दोष, सज्जन।
अखोर-बखोर ‌ वि. ‌ बेकार वस्तु, अनुपयोगी।
अंगऊ ‌ वि. ‌दान के लिये निकाला अन्न।
अगजा ‌ सं. ‌ होलिका दहन।
अगता, अगवढ़ ‌ वि. ‌ अग्रिम।
अगदाई ‌ वि. ‌ दौनी करते समय सबसे दाहिनी तरफ का बैल, तेज चलने वाला।
अगमजानी ‌ वि. ‌ भविष्यदर्शी, जिसे होने वाली घटना का पूर्वाभास हो।
अगरा ‌ वि. ‌ उमंग, खुश।
अगराइल ‌ क्रि. ‌ उत्साहित, उमड़ना।
अगरासन ‌ वि. ‌ पहला कौर, खाना शुरु करते समय गाय के लिये निकाला जाने वाला खाद्य पदार्थ।
अगरी, अगरोटा ‌ सं ‌दरवाजा के पीछे लगने वाला सुरक्षा-दण्ड।
अगरी-कगरी ‌ अव्य. ‌ किनारे-किनारे, आसपास, अगल-बगल।
अगलगी ‌ सं. ‌आग लगने की घटना।
अगवन, अगवल ‌ सं. पु. ‌ स्वागत, आगे बढ़ कर स्वागत।
अगवासा ‌ वि. ‌वास स्थान के आगे की जमीन।
अगवाह ‌ वि. ‌ आगे-आगे चलने वाला।
अगहन ‌ सं. ‌ मार्गशीर्ष माह, एक महीने का नाम, संवत का आठवां महीना।
अगहनिया, अगहनी, अगहनुआ ‌ वि. ‌ अगहन महीने की फसल की एक प्रजाति, अगहन में होने वाला, यदा-कदा आने वाला।
अगहर, अगहरिया ‌ वि. ‌ हर समय मदद या काम में सबसे आगे रहने वाला।
अगिआ ‌ सं. ‌ आग, आज्ञा, अनुमति।
अगिआ-बैताल, अगिआह ‌ सं ‌ गुस्से से लाल, बात बात में नाराज हो जाने वाला।
अगियावल, अगिलगवा ‌ क्रि. ‌ क्रोध दिलाना, क्रोध दिलाने वाला।
अगिलका, अगिला ‌ वि. ‌ अगला, बाद में आने वाला।
अगिलको ‌ वि. ‌ अगले को भी, अगला भी।
अगुअई ‌ क्रि. ‌विवाह संबंध कराना, नेतृत्व करना।
अगुआ ‌ वि. ‌विवाह संबंध तय कराने वाला, नेतृत्व करने वाला
अगुआइल ‌ वि. ‌ व्यग्र।
अगुआवल ‌ क्रि. ‌ किसी को आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना।
अगोरत-अगोरत ‌ क्रि.वि. ‌ बाट देखते-देखते; प्रतीक्षा करते हुए, रखवाली करते हुए।
अगोरल ‌ क्रि. ‌रखवाली या देखभाल करना, प्रतीक्षा करना।
अगोरिया ‌ सं. ‌ राह देखने या रखवाली करने वाला।
अघाइल ‌ क्रि./वि. ‌ मन भरा हुआ, तृप्त होना।
अघोड़ी ‌ वि. ‌अघोर पंथी, शिवजी का अनुयायी।
अङिया ‌ सं. ‌ओढ़नी, आँचल।

बीच-बीच में आवत रहीं। शब्द-बिटोर जइसे जइसे आगे बढ़त जाई, अंजोर कइल जात रही।
आपन विचार रउरा ईमेल से anjoria@rediffmail.com पर दे सकिलें।

अँ से शुरू होखे वाला भोजपुरी शब्द

0 Comments

Recent Posts