भोजपुरी शब्द-बिटोर : पहिल कड़ी
- टीम अंजोरिया

अँ से शुरू होखे वाला भोजपुरी शब्द

(एहमें अपरिवर्तित तत्सम आ आगत शब्दन के शामिल नइखे कइल गइल। एक बेर एकरा के धेयान से देखीं आ अगर रउरा कुछ जोड़े भा घटावे जोग लउके त बता दीं जेहसे एकरा के सुधारल जा सके। शब्द-बिटोर का काम में सबसे बेसी संख्या में सकारे-जोग सुझाव देबे वालन के एह शब्द-बिटोर के छपला का बाद मुद्रित प्रति सादर भेंट कइल जाई।)

क्रम शब्द प्रकार हिन्दी अर्थ
1 अँइच, अँइचा ‌वि. भेंगा, देखते समय जिसके आँखो की पुतरी किसी दुसरी दिशा में देखती नजर आती है।
2 अँइचल क्रि. खीचल
3 अँइचा-ताना वि. ऐंंठा-तानकर अकड़ दिखाने वाला।
4 अँइचातानी क्रि.वि. खींचा-खींची
5 अँइछल वि. जादू टोना की काट किया हुआ
6 अँइठ सं, पु. घमंड, अकड़, ठसक
7 अँइठन सं, पु. ऐंठन, ममोड़, ममोर
8 अँइठल वि. घमण्ड में चूर
9 अँउगा सं, पु. क्रोध, गुस्सा
10 अँउगाइल वि. क्रोधित, गुस्साया हुआ
11 अँउघी सं, स्त्री. नींद
12 अँउघाइल वि. / क्रि. नींद में, सोया हुआ ; नींद के प्रभाव में
13 अँउधाइल वि. उलट कर रखा हुआ, पलट कर रखा हुआ, उल्टे पड़ा हुआ
14 अँउजा क्रि. संकट या झंझट में पड़कर घबराना, कबाड़ का ढेर
15 अँउजाइल वि. झल्लाया हुआ
16 अँउजा-पथार सं. कूड़े-कबाड़ का ढेर
17 अँउजारी सं. स्त्री. झंझट
18 अँउजाह वि. घबड़ा देने वाला, उलझन में डाल देने वाला
19 अँउटल क्रि. खौलाना
20 अँउटाइल क्रि.,वि. खौलाया हुआ
21 अँउड़ियाइल क्रि./वि. बादल कि तरह उमड़ा हुआ
22 अँउस वि. उमस, गर्मी
23 अँउसल क्रि., वि. किसी वस्तु, पात्र, वस्त्र को पहली बार उपयोग में लाना
24 अँउसाइल (अन्य रूप: गरमसल) क्रि., वि. उमस भरा, उपयोग में लाया जा चुका
25 अँकड़ा, अँकड़ी सं. कंकड़
26 अँकवार, अँकवारी, अँकवारल वि., क्रि. गोद, गोदी लेना, गले मिलना, गले लगाना, आलिंगन
27 अँकवासल वि. गले लगाने के लिये बेचैन होना
28 अँकुआ, अँकुरा सं. पु. धातु का बना टेढ़ा कांटा जिससे किसी वस्तु को टाँगा या फँसाया जाय
29 अँकुरल, अँखुआइल वि. अँकुर निकलना
30 अँकुरी सं. स्त्री. / क्रि. अँकुरा हुआ अन्न ; बीया भा भाव से नया अँकुर निकलल।
31 अँकुसी सं. पु. पेड़ पर से फल तोड़ने के लिये किसी लम्बे दण्ड या लाठी के ऊपर लगाया हुआ अँकुरा
32 अँखिगर वि. जानकार, आँख वाला
33 अँखिजनी सं स्त्री. आँख में छोटा घाव या फुसरी
34 अँखिदेखुआ वि. जिसने किसी घटना को अपनी आँखो से देखा हुआ हो
35 अँखिफोर वि. खुली आँख
36 अँखिमुदउअल सं स्त्री. आँख मिचौनी का खेल
37 अँखुआ सं / सं. अँकुर ; बीया भा जड़ से निकलल नया कोमल अंकुर।
38 अँगइठी, अँगीठा, अँगीठी सं. सुलगा आग वाला पात्र या बरतन
39 अँगऊ सं पु. धनराशि या अन्नभण्डार से दान के लिया निकाला हुआ हिस्सा या अंश
40 अँगरल, अँगराइल वि. देर तक एक ही मुद्रा में बैठने के बाद होनेवाली झिनझिनी, लगातार होने वाला जलन भरा दर्द
41 अँगार सं पु. जलता हुआ ठोस टुकड़ा
42 अँगारी सं स्त्री. छोटा अँगार
43 अँगिया सं स्त्री. चोली, ब्लाउज, जालीदार चलनी या छलनी जिससे सत्तू आटा वगैरह छाना जाता है
44 अँगेछल क्रि. किसी जिम्मेदारी के लिये स्वेच्छा से तैयार होना
45 अँगेजल क्रि. सहन करना, सम्हाल कर रखना,
46 अँगेया सं. औपचारिक भोज के लिये स्वीकृति लेना
47 अँगुरी सं स्त्री. / सं. उँगली ; उँगली।
48 अँगुरियावल क्रि. उँगली करना
49 अँङना, आँङन सं स्त्री. आँगन
50 अँङरखा, अँगा, मिरजई सं पु. एक तरह का वस्त्र जो शरीर से चिपका रहता है
51 अँचर-धरउवा सं पु विवाह का एक संस्कार या रस्म
52 अँचवल क्रि. आचमन करना, खाना खाने के बाद हाथ धोना
53 अँजर-पँजर सं. ढाँचा
54 अँजरा-पँजरा वि. / सं. अगल-बगल में आना ; बहुत नजदीकी संगी-साथी आ आपन लोग।
55 अँजुरी सं स्त्री. / सं. दोनो हथेली मिला कर बना ग्रहण करने के लिये बना गट्ढा ; दुनो हथेली जोड़ के बनावल खोढ़रा।
56 अँजोर, अँजोरा सं पु. रोशनी, प्रकाश
57 अँजोर कइल क्रि. प्रकाशित कइल, अंजोर में ले आइल
58 अँजोरिया, अँँजोरिआ सं स्त्री. चन्द्रमा के रोशनी, शुक्ल पक्ष, भोजपुरी में पहला वेबसाइट
59 अँटकर सं पु. अनुमान, अंदाजा
60 अँटकल वि. / क्रि. फँसा हुआ, उलझल, उलझा हुआ, ठहरना ; अटक गइल; फँस गइल।
61 अँटकावल क्रि. किसी मामले या वस्तु को लटका देना, रोक देना, कहीं ठहरा देना
62 अँटल, अँटावल क्रि, वि सीमित स्थान में रखना, सीमित साधन का समुचित वितरण
63 अँटा‌व सं पु. रहने या रखने की जगह
64 अँटिया सं स्त्री. फसल का छोटा छोटा बंडल
65 अँटियावल क्रि. अँटिया बनाना
66 अँटी सं पु. विपरीत काम
67 अँठई सं स्त्री. जोंक
68 अँठानबे वि. नब्बे से आठ ज्यादा, 98 की संख्या
69 अँठियाइल वि. फल में गूठली आ जाना
70 अँठी सं स्त्री. गाँठ, बीज, गुठली, अधोवस्त्र में धन छिपाने की जगह
71 अँड़च क्र वि. बहुत अधिक, ठूंसना
72 अँड़चल क्रि. ठूंस-ठूस कर खाना
73 अँड़तालिस वि. चालीस से आठ ज्यादा, 48 की संख्या
74 अँड़सठ वि. साठ से आठ ज्यादा, 68 की संख्या
75 अँड़सल क्रि./वि. भीड़ भरी जगह में फँसा हुआ, स्थानाभाव वाली जगह पर होना ; कस के भरल भा एक-दोसरा से सट के अटकल।
76 अँखफोर सं. आँख खुलने या जन्म लेने की अवस्था; जन्म।
77 अँखियन सं. आँखों; आँखों में।
78 अँखिया सं. आँख।
79 अँखुआइल क्रि./वि. अँकुर निकलल; नया रूप में फूटल।
80 अँखुवाइल क्रि./वि. आँख में आँसू भर आइल; भाव से भींजल।
81 अँग-डँग सं. अंग-भंगिमा, चाल-ढाल और हाव-भाव।
82 अँगउछी सं. देह-मुँह पोंछे के छोट गमछा।
83 अँगड़ाइ सं. देह तान के आलस भा उमंग में खिंचाव लेवे के क्रिया।
84 अँगनइया सं. छोटा आँगन; घर का आँगन।
85 अँगनवा सं. अँगना के अपनापा वाला रूप।
86 अँगनवां सं. आँगन; घर के बीच का खुला स्थान।
87 अँगना सं. घर का आँगन।
88 अँगना-दुअरा सं. घर के आँगन आ सामने के दुआर वाला पूरा घरुआ परिसर।
89 अँगौछी सं. छोट गमछा।
90 अँचरा सं. साड़ी के अगिला खुला छोर; आँचल।
91 अँजुरिया सं. दोनों हथेलियों को जोड़कर बनी अंजुरी।
92 अँजोर सं. उजाला, प्रकाश।
93 अँजोरिया सं. अँजोर भरल रात भा उजास।
94 अँजोरिये सं./क्रि.वि. अँजोरिया ही; उजाले या प्रकाश में।
95 अँटावल क्रि. बढ़त चीज के रोकल, समेटल भा काबू में राखल।
96 अँड़सा-मँड़सा वि. सटा-सिमटा, घिरा या सँकुचित।
97 अँतरा सं. भीतर का कोना या छिपी जगह।
98 अँयड़ा-गोयड़ा सं. घर या बस्ती का अगल-बगल और पिछवाड़े का हिस्सा।
99 अँवाट-बँवाट क्रि.वि. बेतरतीब; बिना क्रम या सोच-विचार के।

 

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