मिस्की
मिस्की ऊ जात रहल मुस्कियात रहल देखि के हालत मोरो । सोचि के कि- पहिले कतना में ऊ का रहल। मोहूँ के...
Read Moreहे ईश्वर! तनी दया करीं कई दिन तक बरसल बदरी, धानवा गिरल मेड़ के कगरी। भूख-पियास कुल गइल हेराइ,...
Read Moreई का होता? गैरत आ सम्मान बिकाता, ई का होता? खुलेआम ईमान बिकाता, ई का होता? कौड़ी-कौड़ी जान बिकाता,...
Read Moreहमार बिहार – रामसागर सिंह #भोजपुरी-कविता #रामसागर सिंह (बिहार दिवस पर) हमार बिहार ...
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