बिरहा का बिना विजय के केहू जानीत ना

बिरहा ना होखीत त विजय ना होखतन, ई नाम ना भइल रहीत, ना त बिरहा के सुल्तान रहीतन ना फिलिमन में कवनो पहिचान रहीत. ई कहना बा भोजपुरी सिनेमा में बिरहा सम्राट का रुप में आपन पहिचान बना चुकल विजय लाल यादव के. बिरहा विरह का आग में जरत विरहिन के दुख के अभिव्यक्ति ह. बिरहा का मंच पर जे लोग ताली से स्वागत करेला उहे लोग सिनेमो हाल में विजय लाल यादव के आशिर्वाद देबेला.

सबले बड़ हिट भोजपुरी फिल्म “निरहुआ रिक्शावाला” आ “मुन्ना बजरंगी” से अपना अभिनय जीवन के शुरुआत करे वाला विजय लाल यादव गायक से नायक बनि के “बियाह” आ “भईया का ससुरारी में” फिलिमन में अपना अभिनय के छाप छोड़लन. विजय लाल यादव के अगिला फिल्म जवन आ रहल बिया तवन ह “त्रिनेत्र”. पी मिश्रा के बनावल आ शाद कुमार के निर्देशित एह फिल्म में विनय आनन्द, पंकज केसरी आ धर्मेश कुमार मुख्य कलाकार बाड़े. एकरा अलावे ऊ “करन्ट मारे गोरिया, बुलन्दी, नथुनिया पे गोली मारे” वगैरह फिलिमन में आ रहल बाड़े.


(स्रोत – दिनेश चन्दर)
=

1 Comment

  1. Dhananjay yadav

    mai dhananjay yadav

Recent Posts

अंजोरिया पर खोजीं -

आपन टिप्पणी, लेख, कहानी, कविता, विचार भेजे खातिर -

anjoria@rediffmail.com

अगर राउर रचना पहिला बेर आ रहल बा त आपन एगो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ में जरूर डाल दीं.

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..