Author: Editor

जमाना का साथे नांवो बदलत बा

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद आ रामचेला सड़क के जरिए बंगाल से अपना गाँवे लवटत रहे लोग. रस्ता में एक जगह लेंग्चा पंतुआ के दोकान रहे. ओहिजा लेंग्चा के नांव से न जाने कतना दोकान रहे. कवनो लेंग्चा महल, त कवनो लेंग्चा पैलेस, त...

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भोजपुरी भाषा साहित्य के एगो नया पहिचान दिहलसि "पाती"

“भोजपुरी दिशाबोध के वैचारिक साहित्यिक पत्रिका “पाती” एगो अइसन रचनात्मक मंच ह जवन भोजपुरी भाषा साहित्य के एगो नया पहिचान दिहलसि. एकरा रचनात्मक आंदोलन से जुड़ के अनेके लेखक राष्ट्रीय स्तर पर आपन पहचान...

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वेब म्यूजिक के मकसद ह लोग के पसंद के खयाल राखल – कुमार गौतम

ऊ नवजवान हउवें, कविता प्रेमी हउवे आ संगीत के नस के समझहुँ वाला. बात होखत बा संगीत कंपनी वेब के मालिक कुमार गौतम के. बिहार के मुजफ्फरपुर में बचपन बितावे वाला कूमार गौतम जानल मानल निर्माता आ वितरक डा. सुनील संगे मिल के बतौर...

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