Category: सरोकार

बलात्कार माने बल अति कार.

– ओ. पी. सिंह कवनो कार भा कार्य जवन बल का भरोसे – बलाते – कइल जाव ओकरा के बलात्कार मान लीहल जाला. अब बलातो त कई तरह के काम क लीहल जाला बाकिर व्यवहार में ई दू गो विपरीत लिंगियन का बीचे बलाते भइल सेक्स खातिर मान...

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जाल के जाला (बतकुच्चन – 202)

जाल, जाला, जाली, जंजाल, संजाल, मायाजाल, इंद्रजाल, मोहजाल, महाजाल; पता ना कतना जाल आ कतना जाला कि सझुरावते परेशान हो जाए आदमी. जाल बुनल जाला, जाला लाग जाला आ जाली बनावल जाले. कबो दोसरा खातिर त कबो अपना खातिर. एह जाल के दायरा अतना...

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तीज : अखंड सोहाग के ब्रत

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल   शास्त्रन में तीज के हरितालिका नाम से जानल जाला. “हरितालिका” शब्दो एह ब्रत खातिर खूब प्रचलित बा. भादो का अँजोर में तृतीया तिथि1 के एकर अनुष्ठान कइल जाला. पति खातिर ‘तीज’ आ बेटा खातिर...

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