Category: सरोकार

अछूत के कहानी

-(स्व॰) हीरा डोम हमनी के राति दिन दुखवा भोगत बानी हमनी के सहेबे से मिनती सुनाइबि हमनी के दुख भगवनवो न देखता जे हमनी के कब से कलेसवा उठाइबि पदरी सहेब के कचहरी मे जाइबि जा बेधरम होके रंगरेज बनि जाइबि हाय राम! धरम न छोड़त बनता बा जे...

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बबुआ के मुस्की में

– अशोक शर्मा ‘अतुल’ के भगवान के देखले बा? सवाल बड़ा सरल बा, जवाब ओतने जटिल. केहू कही – मंदिर में देखले बानी, केहू कही – चर्च में, केहू कही – आपना गुरु में, आपना पीर में, चर्च में. बाकिर सांचहूं...

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पासवर्ड से छुटकारा नइखे

– डॉ॰ उमेशजी ओझा हमनी के अइसन जुग से गुजरत बानी जा जवना में खाली कम्प्यूटर आ इलेक्ट्रोनिके बा आ एकनी के चलावे खातिर तरह-तरह के पासवर्ड काम में ले आवल जाला. आखिर काहे ना कइल जाउ जब कम्प्यूटर आ अइसने सामान में आदमी के बहुते...

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तनी हट-हटा के ….

– प्रगत द्विवेदी बचपन से आजु ले पिताजी के भोजपुरी-भोजपुरी रटत देखत अइलीं. ऊ आजु ले ना थकलन, बाकिर हमनी का जरूर घबड़ा गइली जा. भोजपुरी के पहिचान, ओकरा प्रसार आ विकास के बात-बखान सुनत हम बलिया से आके दिल्ली रहे लगनी बाकि आजु...

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भोजपुरी-मैथिली के भाव में विभोर भइल दिल्ली…

– ओेमप्रकाश अमृतांशु कविता अइसन विद्या ह जेकर उमिर दस-बीस साल ना सैकड़ो-हजारो साल होखेेेेला. जेकरा के अनपढ़ो सुन सकेला, गुनगुना सकेला. कवि के कविता के भाव में दरद, आक्रोश, प्रेम आ ढ़ेरन अभिव्यक्ति के समावेश होखेेला. कविता में...

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