Category: सरोकार

आ दुर्रऽऽऽ, हमरा कवन काम बा केहु से कहला के? (बतकुच्चन – ११४)

आ दुर्रऽऽऽ, हमरा कवन काम बा केहु से कहला के? हर गाँव में अइसनका एगो फुआ भा काकी जरूर मिल जइहें जिनकर कामे होला एने के बात ओने चहुँपावल आ गाँव भर के चुहानी घूमल. राजनीति आ मीडियो में अइसनका लोग के कमी ना मिले. ई लोग जवन बात कहे...

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अलबल करे खातिर अलबलाह होखल जरूरी ना होला ( बतकुच्चन – ११३)

सट्टा से अबहींओ टीवी चैनल वइसहीं सटल बाड़ें बाकिर हमरा एक बात समुझ में नइखे आवत कि खेत खइलसि गदहा आ मार खइलसि जोलहा वाला कहाउत एह बात पर काहे सटीक बइठत बा. कइल केहु आ भरी केहु दोसर, से काहे? होखे के त चाहत रहुवे कि आईपीएल के...

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अबकी देश चूकल त फेर ढेर दिन ले सम्हरे के मौका ना मिली

साल चौदह के इंतजार देश वइसहीं करत बा जइसे कबो चौदह साल का बनवास का बाद लवटत राम ला कइले होखी. एह बीच हर राजनीतिक गोल, हर गोलबंदी में एह बात ला खींच तान जारी बा कि के बनी अगिला प्रधानमंत्री. यूपीए गोलबंदी में तिसरका नंबर के नेता...

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