Category: सरोकार
बतकुच्चन – १०३
कवन अभागा गाँजा बोवलसि हो/पियवा बउरा गइलें. कवन पापी घोर के पियवलसि हो/पियवा बउरा गइलें. ना ना, हम...
Read Moreबतकुच्चन १०२
पिछला हफ्ता एक जने के पटावे खातिर दोसरा जने के पठा दिहल गइल. जिनका के पठावल गइल से ओह राज्य के पालक रहलें आ लोग कहत बा कि एह बहाने उनुका के पटावे के कोशिश कइल गइल बा जिनकर सहारा अगिला साल के चुनाव का बाद लेबे के जरूरत पड़ सकेला....
Read Moreभोजपुरी भाषा साहित्य के एगो नया पहिचान दिहलसि "पाती"
“भोजपुरी दिशाबोध के वैचारिक साहित्यिक पत्रिका “पाती” एगो अइसन रचनात्मक मंच ह जवन भोजपुरी भाषा साहित्य के एगो नया पहिचान दिहलसि. एकरा रचनात्मक आंदोलन से जुड़ के अनेके लेखक राष्ट्रीय स्तर पर आपन पहचान...
Read Moreनवहियन के अपराधी बनावे में लागल सरकार
सगरी नवहियन के अपराधी बनावे में लागल सरकार. कवनो लइकी शिकायत कर देव कि ई आदमी भा लईका हमरा के घूरत रहुवे त ओह आदमी के जमानतो ना हो पाई. सोलह साल का उमिर में शादी ना कर सकऽ, एडल्ट फिलिम ना देख सकऽ बाकिर सहवास के सहमति दे सकेल....
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