Category: सरोकार

साल 2012 के बिदाई आ गलचउर

(पाती के नयका अंक, दिसंबर २०१२, के संपादकीय) (भोजपुरी दिशा बोध के पत्रिका “पाती” के भोजपुरी प्रकाशनन में एगो खास जगहा बा. अँजोरिया के एह बात के खुशी बा कि पाती संगे एकर अपनापन पिछला कई बरीसन से चलल आवत बा. पाती के...

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अँगरेला हाथ गोड़ अँतरा दलकि जाला

अपना समय समाज आ संदर्भ से जुड़ल साहित्य में परंपरा आ आधुनिकता के द्वन्द चलत रहेला. एही साँच के आँच आ अनुभूति करावत एगो कविता गोष्ठी पिछला दिने बलिया के श्रीराम विहार कॉलोनी में पाती कार्यालय पर भइल. एह गोष्ठी के आयोजन विश्व...

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बतकुच्चन ‍ – ९३

पिछला पख बलात्कार का नामे रहल. जेनिए देखी तेनिए लोग बलात्कार का खिलाफ धरना प्रदर्शन में लागल रहुवे. सोचनी कि काहे ना हमहू एही पर कुछ बतकुच्चन कर ली. फेर पता ना कब मौका मिले ना मिले. आन समय में बलात्कार के चरचा फूहड़ मानल जा सकत...

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बिजली में तड़प केतना होला अनजान बदरिया का जानी!

देश के बड़ गीतकार गोपालदास नीरज लिखले बाड़े – “गीत अगर मर जायेंगे तो क्या यहाँ रह जायेगा एक सिसकता आसुओं का कारवां रह जायेगा ” गोपालगंज (बिहार) जिला के कटेया अंचल में जनमल राधा मोहन चौबे ‘अंजन’ जी...

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सिंहासन खाली करो कि ट्वीटर आया है

याद बा हॉस्टल के ऊ रात जब बिजली चल जात रहुवे. एगो कवनो कोना से आवाज उठी आ थोड़ही देर में पूरा हॉस्टल तरह तरह के आवाज से गूंजे लागी. कुछ लोग त एहले आवाज निकाली कि मन के डर खतम होखे त बाकी लोग ओह हुँआ हुँआ में आपन आवाज मिलावे लागी....

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