Category: सरोकार

तीज : अखंड सोहाग के ब्रत

– रामरक्षा मिश्र विमल शास्त्रन में तीज के हरितालिका नाम से जानल जाला. “हरतालिका” शब्दो एह ब्रत खातिर खूब प्रचलित बा. भादो के अँजोर में तृतीया तिथि के एकर अनुष्ठान कइल जाला. पत्नी खातिर “तीज” आ बेटा...

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बतकुच्चन ‍ – ७६

बारी आ बारी के बाति पिछला बेर बाकी रह गइल रहुवे से ओहिजे से शुरु करत बानी. बारी के एक मतलब होला कतार में पड़ल आदमी भा काम के बारी भा मौका आ दोसर मतलब होला बगइचा. भा समूह. बारी का जगहा कुछ जगहा वारी लागेला . जइसे कि फूल के बगइचा...

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