भोजपुरी के सामाजिक-मनोवैज्ञानिक उपन्यास हवे ‘भँवरा’: प्रो.आरडी राय
भोजपुरी के सामाजिक-मनोवैज्ञानिक उपन्यास हवे ‘भँवरा’: प्रो.आरडी राय नर्वदेश्वर सिंह...
Read MorePosted by Editor | दिसम्बर 9, 2024 | पुस्तक चर्चा, समाचार |
भोजपुरी के सामाजिक-मनोवैज्ञानिक उपन्यास हवे ‘भँवरा’: प्रो.आरडी राय नर्वदेश्वर सिंह...
Read MorePosted by Editor | नवम्बर 24, 2024 | पुस्तक चर्चा, समीक्षा, साहित्य |
भोजपुरी एगो पुरान, समर्थ आ दमगर भाषा – चंद्रेश्वर भोजपुरी के बारे में एगो बहुप्रचारित मिथ्या...
Read Moreभोजपुरी दिशाबोध के पत्रिका पाती के नयका अंक आजुवे हमरा मिलल हऽ. पाती का साथे अतना पुरान नाता हऽ कि...
Read MorePosted by Editor | मई 20, 2024 | कविता, पुस्तक चर्चा, साहित्य |
एहसास मर गइल बा – डॉ इकबाल एहसास मर गइल बा, जिंदा शरीर बाटे। धुँधला गइल बा अक्षर, खाली लकीर...
Read MorePosted by Editor | मई 20, 2024 | पुस्तक चर्चा, सरोकार |
“सजल प्यार कचनार फुलाइल, परबत-परबत के घेरा में लता लाज से लाल भइल कुछ निरखत संझा के बेरा में...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..