लाल निशान
– बिन्दु सिन्हा किर्र…. दरभंगा सकरी रोड पर सन्नाटा भइला से बस आउर ट्रक के चाल अइसहीं तेज हो जाला. झटका से ब्रेक लेला से खूब तेज चलत ट्रक एक-ब-एक किरकिरा उठल. ट्रक का डाला पर बइठल खलासी बीड़ी पीयत कवनो फिल्मी धुन...
Read More– रामदेव शुक्ल मीतू हम दूनू जने उहाँ पहुंचि गइल बानी जाँ, जहाँ से लवटले के कवनो राहि नइखे बँचल। अगहीं बढ़े के बा, चाहे एहर बढ़ि चलल जा, चाहे ओहर। बोलऽ कवने ओर चलल जाव? मीता के लिलार चमकि उठल। कहली- ”तहार कहल आ हमार सूनल, ई...
Read More– रामवृक्ष राय ‘विधुर’ जवार भर में केहू के मजाल ना रहे कि भोला पहलवान का सोझा खड़ा होखे. जब ऊ कवनो बाति पर खिसिया के सनकी हाथी नीयर खड़ा हो जासु त नीमन-नीमन नवहन के साँसि फूले लागे. मीठू ओस्ताद का अखाड़ा में बइठक करे लागसु त...
Read More– गिरिजाशंकर राय ‘गिरिजेश’ पाकिस्तान के मारि के हमार सिपाही ओकर छक्का छोड़ा दिहलन सऽ. चीन क कुल्हि चल्हाँकी भुला गइल. मिठाई खाइब… हो… हो. ईहे हई नगरी, जहाँ बाड़ी बनरी, लइकन क धइ-धइ खींचेली टँगरी. एगो बीड़ी बाबू...
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