वसंत कहीं नइखे भुलाइल
– पाण्डेय हरिराम जाड़ा आहिस्ता से मौसम के गाल चूमलसि त मौसम का रग में गर्मी दउड़ि गइल…. लोग कहल वसंत आ गइल. फगुआ आ गइल. आ आजु साँचहू के फगुआ ह. बाकिर कहवाँ… काल्हु सँझिया एगो पड़ोसिन बतवली कि सड़कन पर रौनक नइखे....
Read More– पाण्डेय हरिराम जाड़ा आहिस्ता से मौसम के गाल चूमलसि त मौसम का रग में गर्मी दउड़ि गइल…. लोग कहल वसंत आ गइल. फगुआ आ गइल. आ आजु साँचहू के फगुआ ह. बाकिर कहवाँ… काल्हु सँझिया एगो पड़ोसिन बतवली कि सड़कन पर रौनक नइखे....
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..