Tag: बतकुच्चन

बतकुच्चन ‍ – ९०

गुजरात चुनाव का गरजा गरजी का बीच हम सोचनी कि हमरा का गरज बा एह में माथ घुसावे के. खास कर तब जब दुनु तरफ से, भा कहीं त तीन तरफ से मूसर गिरत होखे ओखरी में. बाकिर गुजरात चुनाव के एगो बड़हन खासियत बा कि पहिला बेर देश के कवनो राज्य...

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बतकुच्चन ‍ – ८९

बबुनी ससुरा ना जाली मने मने गाजेली. भोजपुरी के ई कहाउत आजु कुछ राजनीतिक गोलो पर सही बइठत लागत बा. देश के बड़का पंचायत में दू गो गोल विदेशी किराना बाजार के विरोध कइला का बावजूद ओकरा के आवे से रोके के मौका पर भाग परइले. बहाना बना...

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बतकुच्चन ‍ – ८८

जब कवनो नेता के अपना पार्टी में रहत असकस लागे लागेला त ऊ अइसन अइसन बयानबाजी शुरू कर देला जवना से पार्टी नेतृत्व के अनकस होखे लागे आ ऊ आपन अहजह आ असकत छोड़त ओह नेता के पार्टी से निकाले के फैसला कर लेव आ ओकरा के उभचुभ से बचा लेव....

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बतकुच्चन ‍ – ८७

हादसा के दोस नइखे, हदस से मर गइल लोग. आजु जब बतकुच्चन करे बइठनी त पिछला हफ्ता छठ के दिन पटना में भइल हादसा याद पड़ गइल. ओह हादसा का बाद बयान देत मुख्यमंत्री के कहना रहल कि मौत हादसा का चलते ना भइल. लोग हदस में भाग चलल आ ओह भगदड़...

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बतकुच्चन ‍ – ८६

बेमौसम बरसात भा हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत. दिवाली का मौका पर फुलझरी पटाखा का जगहा कादो पानी क खेल होखत बा, जेकरे देखीं उहे केहू ना केहू पर अछरंग लगावे में लागल बा. अछरंग लांछन के कहल जाला, केहू पर दोस लगवला के अछरंग लगावल...

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