Tag: भोजपुरी

“श्रीरामकथा” : सामाजिक परिवर्तन के एगो महाकाव्य

“श्रीरामकथा” भोजपुरी में सामाजिक परिवर्तन के एगो प्रबंध काव्य बा.एकर रचयिता डॉ श्रद्धानंद पांडेय भोजपुरी के मूर्द्धन्य साहित्यकार हईं.एह काव्य में भलहीं रामभक्त कवि के भक्तिभावना केंद्र में बाटे बाकिर एकर पृष्ठभूमि...

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अब भोजपुरी के ओकर हक मिल जाये के चाहीं.

दिल्ली में ९ अप्रेल से शुरु दु दिन के भोजपुरी विश्व सम्मेलन के उद्घाटन कइला का बाद लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार अपना संबोधन में कहली कि, “बहुत देर हो चुकल अब भोजपुरी के ओकर हक मिल जाये के चाहीं.” मुख्य अतिथि शत्रुघ्न...

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कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला.

– अभयकृष्ण त्रिपाठी कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला. भोजपुरिया बानी हमरा भोजपुरिये भावेला, अंगिका, वज्जिका, मगही मैथिलि सब हमरे नगीना बा, भोजपुरी जइसन मिश्री बोलला में नाही कवनो दाम बा, भोजपुरिया के सफ़र शुरू भी भोजपुरिये...

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का हो गइल ई देस के भगवान !

– जयंती पांडेय एकदिन एगो नेताजी अपने दुलरुआ बेटा से पूछले – बाबू रे, तें आगे जा के का बने के चाहऽतारऽ ? माने कि जिनिगी में आगे जा के का करे के इरादा बा ? उनुकर बेटा टप दे कहलसि – बाबूजी, हम त आगा चल के नेता...

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