वसंत कहीं नइखे भुलाइल
– पाण्डेय हरिराम जाड़ा आहिस्ता से मौसम के गाल चूमलसि त मौसम का रग में गर्मी दउड़ि गइल…. लोग कहल वसंत आ गइल. फगुआ आ गइल. आ आजु साँचहू के फगुआ ह. बाकिर कहवाँ… काल्हु सँझिया एगो पड़ोसिन बतवली कि सड़कन पर रौनक नइखे....
Read More– पाण्डेय हरिराम जाड़ा आहिस्ता से मौसम के गाल चूमलसि त मौसम का रग में गर्मी दउड़ि गइल…. लोग कहल वसंत आ गइल. फगुआ आ गइल. आ आजु साँचहू के फगुआ ह. बाकिर कहवाँ… काल्हु सँझिया एगो पड़ोसिन बतवली कि सड़कन पर रौनक नइखे....
Read More– ओ.पी .अमृतांशु बरसे रंगवा हुलसे मनवा , नील गगनवा रंगाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल , आइल होली आइल रे !! मस्त फगुनवा मस्ती के दिनवा , झूमेला गेठ जोडिके सरकारवा, भइल करोडो हॉय रे घोटाला सउँसे खजाना लूटाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल...
Read More(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) चउथा कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं...
Read Moreदेश के मशहूर संगीत सम्मान समारोह “बिग आई एम ए स्टार अवार्ड” में लोक संगीत के चार गो शीर्ष में भोजपुरी गायिका कल्पना के म्यूजिक अलबम “आगे बिलईया पीछे छठि मईया” के नामांकन मिलल बा. रिलायंस आयोजित एह समारोह...
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