अबहीं ले ना बिहान भइल का गजल कहीं
– शैलेन्द्र पाण्डेय शैल (एक) संउसे उमिर जियान भइल का गजल कहीं जियले बिपति के खान भइल का गजल...
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Read Moreआजु यू ट्यूब पर घूमत अपना एगो पुरान दोस्त पंकज प्रवीण के गावल गाना मिल गइल. सुन के जिया के जवन...
Read More– अशोक कुमार तिवारी (एक) बैर बेलि जे उपजल भाई-भाई में, जइहैं दूनो जने जरुरे खाई में ।...
Read More– हीरालाल ‘हीरा’ सुर साधीं तऽ लय बिगड़े, बे-ताल के बनल तराना बा। जिनिगी गावल बहुत कठिन बा,...
Read More-शशी प्रेमदेव (एक) खूब गतरे-गतर फरी केहू ठूँठ-जस देखि के जरी केहू रो रहल बा सिवान में कुक्कुर फेरु...
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