तबे स्वस्थ आलोचना के राहि विकसित होई
दू दिन पहिले विमल जी के पत्रिका सँझवत के जानकारी आ सामग्री मिलल. एने कई एक महीना से हम थाकल महसूसत...
Read MorePosted by Editor | Sep 10, 2019 | पुस्तक चर्चा, भाषा, साहित्य |
दू दिन पहिले विमल जी के पत्रिका सँझवत के जानकारी आ सामग्री मिलल. एने कई एक महीना से हम थाकल महसूसत...
Read Moreभोजपुरी के संवैधानिक मान्यता दिआवे आ अठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर “भोजपुरी जन जागरण...
Read Moreजे भोजपुरी में, भोजपुरी खातिर, बिना लोभ-लालच आ मान-प्रतिष्ठा के परवाह कइले बरिसन से चुपचाप रचनात्मक काम कर रहल बा आ कइले जा रहल बा, ओके नजरअन्दाज कइ के, एक-दूसरा के टँगरी खींचे वाला ई कथित भोजपुरी-हित चिंतक मठाधीशे लोग बा। हमरा त चिंता होला कि भोजपुरी के कबो अगर मान्यता मिल गइल आ ओकरा नाँव पर पढ़े-पढ़ावे भा पुरस्कार-सम्मान के इन्तजाम होइयो गइल त ओकरा बाद के स्थिति केतना बिद्रूप आ भयंकर होई? तब त एक दोसरा क कपार फोरे में ना हाथ लउकी, ना ढेला।
Read Moreलोकरंजन आ सांस्कृतिक गीत-गवनई के बढ़ावा देबे खातिर पाती कला मंच आ भोजपुरी दिशाबोध के पत्रिका पाती...
Read Moreदिल्ली के संसद मार्ग पर होई भोजपुरिया जुटान भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ आठवीं अनुसूची में शामिल...
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