Tag: भोजपुरी

नेता बने के सोचले छोड़ दिहले रामचेला

– जयंती पांडेय जबसे तरह तरह के घोटाला के केस में नेता लोग दनादन जेल जाये लागल तबसे रामचेला बड़ा मायूस हो गइले. मुँह सड़ल आम अस बना लिहले आ चेहरा ओल अस लटका लिहले. बाबा लस्टमानंद के बड़ा माया लागल. लगे जा के पूछले, का हो...

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भोजपुरी के डिप्लोमा आ सर्टिफिकेट कोर्स

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में मौजूदा शैक्षणिक सत्र से भोजपुरी में डिप्लोमा आ सर्टिफिकेट कोर्स के शुरूआत होखे जा रहल बा. एक साल के पीजी डिप्लोमा पूर्णकालिक होखी. दू साल वाला कोर्स पार्ट टाइम में कइल जा सकेला. चार महीना के एगो कम...

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अर्थ बा त समर्थ बा ना त बेअर्थ बा

– जयंती पांडेय हम भ्रष्टाचार के भविष्य के ले के निश्चिंत बानी. ई एकदम सत्य ह कि खाली हमनिये के देस में भ्रष्टाचार अउर भ्रष्टाचारियन खातिर तमाम संभावना आ सुविधा बा. हमनिये के ई हुनर हऽ कि हमनी का कतहियों, कबहुँओं करप्शन के...

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भोजपुरी दिशा बोध के पत्रिका पाती के नयका अंक

पाती के नयका अंक बेहतरीन कागज पर बढ़िया सफाई का साथ प्रकाशित भइल बा. बाकिर कुछ तकनीकि गलती से एकर सूची वाला पन्ना के पीडीएफ पढ़ात नइखे. अह अंक में बावे नया लोकतंत्र के सपना (संपादकीय), लोकतंत्र में लोकभावना के बेमिसाल जीत (अन्ना...

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लोक कवि अब गाते नहीं – १३

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) बारहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं त्रिपाठी जी के चरचा आ इहो कि लोक कवि कइसे घबड़इले जब पता चलल कि उनुका भतीजा के एड्स हो गइल बा. ओकरा के तुरते बंबई भिजवा दिहले एह...

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