गोरखपुर के भोजपुरी संगम के 162 वीं ‘बइठकी’
गोरखपुर के ‘भोजपुरी संगम’ के 162 वीं ‘बइठकी’ स्व.सत्तन जी का आवास पर,...
Read Moreगोरखपुर के ‘भोजपुरी संगम’ के 162 वीं ‘बइठकी’ स्व.सत्तन जी का आवास पर,...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 11, 2023 | भोजपुरिया लाल, सरोकार |
हालही में गोरखपुर ‘भोजपुरी संगम’ अपना संस्थापक स्व. सत्यनारायण मिश्र...
Read Moreशबद सहारे राखिये, शबद के हाथ न पाँव. एक शबद औषधि बने, एक शबद करे घाव. दीनदयाल विश्वविद्यालय गोरखपुर के हिन्दी विभागाध्यक्ष रहल प्रो. रामदेव शुक्ल कबीरदास के लिखल एह दोहा के दोहरावत कहलन कि स्व. सत्यनारायण मिश्र सत्तन कमे लिखलन...
Read More“आजु सत्तन जी हम्मन के बीच नइखीं, आ अपने उहाँ के 75 ले नाइ पंहुचि पवलीं, बाकिर आजु उनके लगावल पेड़ फरत-फुलात बा. आजु हीरक जयन्ती ले पंहुचि गइल बा.” – ई बात गोरखपुर के “भोजपुरी संगम” के 75वीं बइठक के...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 24, 2015 | भोजपुरिया लाल, सरोकार |
– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना दोस्तन के कुछ करे के मौका दिहलन ना घरवालन के. दिल के दर्द के गैस समुझत रह...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..