Tag: भोजपुरी

भावुक जी : एगो गजल

– मनोज भावुक दर्द उबल के जब छलकेला गज़ल कहेलें भावुक जी जब-जब जे महसूस करेलें उहे लिखेलें भावुक जी टुकड़ा-टुकड़ा, किस्त-किस्त में जीये-मुयेलें भावुक जी जिनिगी फाटे रोज -रोज आ रोज सियेलें भावुक जी अपना जाने बड़का-बड़का काम...

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ई देश ह वीर जवानन के…

– आशुतोष कुमार सिंह हर साल आजादी मिलला के खुशी में हमनी के 15 अगस्त के राष्ट्रीय परब के रूप में मनावेनी जा. हमनी के एह 15 अगस्त से ठीक 22995 दिन पहिले अंग्रेजन के गुलामी से आजाद भइल रहनी जा. जवना बेरा हमनी के आजाद भइनी जा...

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तहार सुधि

– डा॰अशोक द्विवेदी कतना हो जाला मनसायन सुधि का सुगंध से गमक उठेला जब बतास छान्ही पर एकदम ओलरि आवेला अकास सचहूँ कतना हो जाला मनसायन तहरा सुधि से हमरा भीतर कोना-अँतरा ले एक-ब-एक भर उठेला उजास! तहार सुधि अवते लहरे लागेला ताल...

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स्वागत करीं महंगी के

– जयंती पाण्डेय महंगी के बढ़े में सरकार के कवनो दोष नइखे. महंगी के काम ह बढ़ल. अगर ऊ ना बढ़ी त केहु ओकरा ना चीन्ही, ना पूछी. सोसाइटी में रहे वाला हर बेकती आपन एगो पहचान राखेला. महंगी भी इहे रास्ता पर चलेले. महंगी लोगन के...

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भोजपुरिया क्षेत्र के आशा

– आशुतोष कुमार सिंह भोजपुरी के संबंध में एगो धारणा बन गइल बा कि ई एगो मीठ भाषा ह आ साथहीं भोजपुरिया लोग मन के मुलायम होला. हालांकि एह धारणा में बहुत हद तक सांचो बा. अउर एही के वजह से जहवां भोजपुरिया समाज दुनिया के कवनो...

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