गीत
– ओ.पी. अमृतांशु भादो के अन्हरिया रात, हमरो जिनिगिया, दिन पे दिने दिने होता देहिया हरदिया दिन पे दिने दिने ना. कहिलें कुशलवा में, बारहो वियोगवा, दुई टुक होई गईलें, घर के हंडीयवा, नेह-छोह बाँट गईल, ननदी सवतिया, दिन पे दिने...
Read More– कन्हैया पाण्डेय लरकल लरहिया बाटे, उजरल पलानी कबले अइबऽ पिया छिलबिल अँगना में पानी. असवों के सेंवतल नइखे चुवेले पलनिया भुरकुस नरियवा-छपुवा, ढहऽता मकनिया उपरा प्लास्टिक कइसो तनले हम बानी कबले अइबऽ पिया छिलबिल अँगना में...
Read More– मनोज भावुक दर्द उबल के जब छलकेला गज़ल कहेलें भावुक जी जब-जब जे महसूस करेलें उहे लिखेलें भावुक जी टुकड़ा-टुकड़ा, किस्त-किस्त में जीये-मुयेलें भावुक जी जिनिगी फाटे रोज -रोज आ रोज सियेलें भावुक जी अपना जाने बड़का-बड़का काम...
Read More– आशुतोष कुमार सिंह हर साल आजादी मिलला के खुशी में हमनी के 15 अगस्त के राष्ट्रीय परब के रूप में मनावेनी जा. हमनी के एह 15 अगस्त से ठीक 22995 दिन पहिले अंग्रेजन के गुलामी से आजाद भइल रहनी जा. जवना बेरा हमनी के आजाद भइनी जा...
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