राड़ आ राँड़ के गठबन्हन – बतकुच्चन (207)
देश के राजनीति समुझे बाला एहघरी परेशान बाड़ें. उनुका बुझात नइखे कि हो का रहल बा. एही अझूराहट में...
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Read More– सुभाष पाण्डेय (एक) डेढ़ कोस दउरे के ताकत, सइ जोजन के राह, मनवाँ, बड़ा कठिन निरबाह। दुख...
Read More– शैलेन्द्र पाण्डेय शैल (एक) संउसे उमिर जियान भइल का गजल कहीं जियले बिपति के खान भइल का गजल...
Read Moreआजु यू ट्यूब पर घूमत अपना एगो पुरान दोस्त पंकज प्रवीण के गावल गाना मिल गइल. सुन के जिया के जवन...
Read More– अशोक कुमार तिवारी (एक) बैर बेलि जे उपजल भाई-भाई में, जइहैं दूनो जने जरुरे खाई में ।...
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