Tag: भोजपुरी

नेता बने के आइडिया तियाग दिहले रामचेला

– जयंती पांडेय जबसे पाँच राज्यन में चुनाव भइल तबसे रामचेला बड़ा मायूस हो गइले. मुँह सुथनी अस बना लिहले आ चेहरा ओल अस लटका लिहले. बाबा लस्टमानंद के बड़ा माया लागल. लगे जा के पूछले का, हो रामचेला ! बड़ा उदास लागत बाड़ऽ ? ऊ...

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मानसून सत्र में उठावल जाई भोजपुरी के मुद्दा

पिछला अतवार का दिने बनारस में भइल विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रांतीय अधिवेशन के संबोधित करत कांग्रेसी सांसद जगदम्बिका पाल भरोसा दिअवलन कि संसद के अगिला सत्र में भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे के मुद्दा उठावल जाई. विभोस...

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राजस्थानी का बहाने भोजपुरी के चिन्तन

भोजपुरी आ राजस्थानी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करे के चरचा ढेर दिन से चल रहल बा. भोजपुरी त वइसन टुअर हिय जेकर कवनो माई बाप नइखे. कवनो राज्य नइखे जे भोजपुरी के लड़ाई लड़ि सको. संजोग से राजस्थानी के लड़ाई लड़े खातिर...

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इहवां गड़हा आ भ्रष्टाचार के कमी नइखे

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अपना मड़ई में शांति से बइठल रहले कि रामचेला आ धमकले. उनुका के देखते बाबा कहले, “हो ई दुपहरिया में केने चलल बाड़ऽ?” रामचेला कहले, “महँगू के धियवा के बिआह बा, चलऽ चार गो गाड़ी...

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लोक कवि अब गाते नहीं – ९

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) आठवीं कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि सम्मानित भइला का बाद जब लोक कवि अपना गाँवे अइलन त उनुकरा स्वागत में लागल औरतन में उनुकर बालसखी राधो रहली. जेकर असल नाम त रहे...

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