चीन के हमला का समय गोरखपुर के महत्व पता चलल
-

– उदय प्रकाश पाण्डे
गोरखपुर 25 अक्टूबर (वार्ता) गोरखपुर जिला के सामरिक महत्व ओह घरी उभर के सामने आइक जब 26 अक्टूबर 1962 का दिने बिना कवनो उत्तेजनात्मक कार्रवाई के चीन भारत पर हमला क दिहलसि.

ओह दिन, छब्बीस अक्टूबर 1962, के तब के प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरु के आपातकाल के घोषणा करे पड़ल आ तब के रक्षामंत्री के इस्तीफा देबे के पड़ल. हिन्दी चीनी भाई..भाई नारा का आड मे भइल एह हमला से भारत के बडहन सैन्य नुकसान के सामना करे पड़ल लेकिन एकरा तुरते बाद भारत सरकार के एहसास हो गइल कि भारत के आपन सैनिक ताकत फेर से सरिहाए के जरूरत बा.

तब सैनिक ताकत मजबूत करे के जवन काम शुरू भइल ओकरे परिणाम आइल 15 जून 1963 के पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मे वायु सेना केन्द्र के स्थापना भइल.

शुरू मे एह केन्द्र से वैम्पायर विमानन के एक स्क्वायड्रन लडाकू विमान के समूह एहिजा से उड़ान भरले रहुवे. आजु एह केन्द्र पर दुश्मन के भितरी इलाका ले घुस के मारे वाला जगुआर लडाकू विमान आ एमआई 8 हेलीकाप्टरो मौजूद बाड़ी सँ.

साल 1965 आ 1971 के भारत.पाक युद्धो मे एहिजा से उडल विमान दुश्मन के ठिकानन पर सफलतापूवर्क हमला कइले आ करगिल युद्ध के दौरानो एहिजा के उडान इकाइयन के सक्रिय भूमिका रहल. साल 1998 मे पूर्वी उत्तर प्रदेश मे आइल प्रलयंकारी बाढ के बेरो एह स्टेशन के कर्मचारियन के काम प्रशंसा जोग रहल आ अनेके लोग के जानमाल बचावल गइल.

एह घरी गोरखपुर से देश के दोसरा महानगरन ले हवाई यात्रा शुरु करे के मांग जोर धइले बा आ एह जरूरत के देखत हवाई अड्डे के विस्तार के योजना बा. एयरपोर्ट एथारिटी आफ इण्डिया एह खातिर 50 एकड जमीन मंगले बिया आ गोरखपुर जिला मे कुसम्ही जंगल का नियरे जमीन खोजल जात बा.

सूत्र बतावत बाड़े कि एयरपोर्ट एथारिटी आफ इण्डिया वायु सेना स्टेशन गोरखपुर से 50 किलोमीटर दूर कुशीनगर मे अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनावे के मंजूरी दे रखले बिया आ उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव एह बात के एलानो कर दिहले बाड़े कि नवम्बर से कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के बनावे के काम शुरु हो जाई. साथही पचास एकड जमीन मिल गइल त वायुसेना स्टेशनो के विस्तार के काम शुरू हो सकेला.
एहिजा से तब घरेलू उड़ान होखल करी.

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts