Author: Editor

सोचतानी तोहरा ला एगो पुरस्कार के जोगाड़ करीं.

भउजी हो! का बबुआ? सोचतानी तोहरा ला एगो पुरस्कार के जोगाड़ करीं. कइसन पुरस्कार? इनामो मिली का ? पुरस्कार के नाम होखी “महान भउजी सम्मान” बाकिर अबहीं कवनो संस्था से सउदा नइखे बन पावत. आ इनाम त खैर का मिली हँ पइसा कम से...

Read More

टंच माल के चरचा (बतकुच्चन – १२२)

पिछला दिने टंच माल के बात बड़हन चरचा में रहल. जेकरा के टंच माल कहल गइल रहे उनका ई आपन बड़ाई लागल बाकिर आम आदमी के एह बात में बहुत कुछ आपत्तिजनक लागल. कहे वाला आ जेकरा ला कहल गइल ओकरा त कुछ खराब ना लउकल बाकिर दोसरा लोग के बहुते...

Read More

चिठी लिखल केहु सही कइल केहू …

– जयंती पांडेय सबेरे सबेरे राम चेला बतवले कि ठठपाल पांड़े के दुअरा पर मार लोग बिटोराइल बा आ पंचइती हो रहल बा. बाबा तुहूं चलऽ. बात का बा? लस्टमानंद सवचले. रामभरोसे बतवले कि ठठपाल के बेटिया भकजोगनी के केहु लभ लेटर लिखले बा...

Read More

Recent Posts