Author: Editor

लोक कवि अब गाते नहीं – १९

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) अठरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़नी कि कइसे मीनू अपना भतार से झगड़ा क के लोक कवि के लगे रखैल बने चल अइली आ लोक कवि उनुका के ठाँव दिहलें बाकिर रखैल बनावे से मना कर दिहलें....

Read More

भउजी हो! आदमी कवना बात से अधिका खुश होला?

भउजी हो! का बबुआ? आदमी कवना बात से अधिका खुश होला? दोसरा के दुख से. ठीक कहलू. आ पोसुआ मीडिया के छाती कब फुलेला? जब केहू मोदी के शिकायत करो भा कुछ मोदी का उलटा होखो. अरे वाह भउजी! तू त आजु कमाल करत बाड़ू. आ कवन बात ह जवन सेकूलर...

Read More

Recent Posts