Author: Editor

आ दुर्रऽऽऽ, हमरा कवन काम बा केहु से कहला के? (बतकुच्चन – ११४)

आ दुर्रऽऽऽ, हमरा कवन काम बा केहु से कहला के? हर गाँव में अइसनका एगो फुआ भा काकी जरूर मिल जइहें जिनकर कामे होला एने के बात ओने चहुँपावल आ गाँव भर के चुहानी घूमल. राजनीति आ मीडियो में अइसनका लोग के कमी ना मिले. ई लोग जवन बात कहे...

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बकरी के महिमा आ गाँधी जी के विचार

– जयंती पांडेय बात चलल बकरी पर आ गांधी बाबा के परम भगत ठठपाल बाबा भिड़ गइले बाबा लस्टमानंद से. गांव में हीरा फुआ आपन बकरी के कमाई से एगो लईकी के बियाह क दिहली. एही बात पर बात निकलल आ बकरी पर आ गइल. बाबा लस्टमानंद कहले कि...

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