Author: Editor

हम अइना हर आँगन क

– डा॰ कमलेश राय हम अइना हर आँगन क हर चेहरा के रखवार हईं राख सहेज त एगो हम, तोरऽ त कई हजार हईं. हिय में सनेह से राखी लां दुख के पीड़ा सुख के उछाह निरखी ला रोज थिर रहि के, जिनिगी के सगरी धूप छाँह. छन में अधरन के मीठ हँसी, खन...

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वाणी वन्दना

– शिवजी पाण्डेय “रसराज” हाथ जोरि करतानी बिनति तहार, मईया शारदा. सुनी लिहितू हमरी पुकार, मईया शारदा.. गरे कुंड हार शोभे, श्वेत रंग सारी, नीर क्षीर जाँचे वाला हंस बा सवारी, बीनवा बजाई के जगइतू संसार, मईया शारदा....

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