Author: Editor

बतकुच्चन ‍ – ९२

समाज में भड़इता आ मीडिया में भाँड़ बहुते मिल जइहे. अब भड़इता त ऊ जे भाड़ा देव बाकि भाँड़? आ फेर भाँड़ आ भँड़ुआ में का फरक? भँड़सार त सुनलही होखब सभे जहाँ अनाज भूंजाला. मीडिया में भँड़सारो होला जहाँ तरह तरह के खबरन के भुंजल जाला बाकि आजु...

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पोल खोलवाये में ‘इंटरेस्टेड’ लोग

– जयंती पांडेय रामचेला जबसे आम आदमी पार्टी चाहे कहीं ‘आप’ में शामिल भइले तबसे बड़ा संकट हो गइल कि कई गो अपरिचित लोग उनका घर के चारु इयोर दिन भर मेड़रात रहत रहे. रामचेला डेरा गइले कि का बात हऽ. ऊ आपन परेशानी बाबा लस्टमानंद...

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प्रतिशोधे "प्रतिघात" ह

जहाँ देश में लगातार औरतन लड़िकियन पर अत्याचार, बलात्कार जइसन घटनाये होखत बा ओहिजा त ई मुद्दा हरमेस सामयिक रहेला आ अइसने माहौल में डायरेक्टर आनंद गहतराज “प्रतिघात” फिलिम बनावे के फैसला कर लिहल. आ एहमें प्रोडूसर नीरज...

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रवि किशन – बादशाहत कायम रहल एहू साल

सिनेमा भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार आ हिंदी सिनेमा में भोजपुरी के इकलौता चेहरा रवि किशन के बादशाहत साल बारहो में कायम रहल. एहू साल बाक्स आफिस पर सबले अधिका फिलिम रवि किशन के रहल. साथही छोटका परदा, हिंदी सिनेमा आ मराठी सिनेमा...

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