सपना के फेंड़
– ऋचा चलऽ, फेरु सपनन के फेंड़ लगाईं जा ! मउरल-दनात अमराई से अलगा सड़की का गुलमुहरन का नीचे...
Read More– ऋचा चलऽ, फेरु सपनन के फेंड़ लगाईं जा ! मउरल-दनात अमराई से अलगा सड़की का गुलमुहरन का नीचे...
Read More– आनन्द संधिदूत जब आँगन का बीच में डँड़वार आ खेत का बीच में सड़क निकललि त खेत क बगड़ी आँगन का...
Read Moreपप्पू बनि के जीयल आसान ना होखे. ओकरा खातिर बहुते तेज दिमाग राखे के होला. अइसन अइसन बाति सोचे-कहे...
Read Moreलरिकाईं में एगो कहानी सुनले रहीं कि बहेलियन का जाल में फँसे वाला चिरईयन के दशा देख दुखी भइल एगो...
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