Author: Editor

मारीशस आ भोजपुरी

भोजपुरी दुनिया में एगो फैशन बा कहे कि सात समु्न्दर पार गइल गिरमिटीहा मजदूरन के परिवार से बसल मारीशस मे आजुले भोजपुरी भाषा, संस्कार, आ संस्कृति जिन्दा बा. ई बाति कहि के हमनी का अपना आप के तसल्ली दिहिला कि चलऽ कहीं ना कहीं भोजपुरी...

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सरकार से सरकावे वाला

भउजी हो ! का बबुआ ? सुनलू ह ? हँ, सुने में त आवत बा. का ? बड़ा अगमजानी बने लागल बाड़ू. हम का कहल चाहत बानी ? ए बबुआ, रउरा के हम तहिया से देखत बानी जब रउरा बिना जँघियो पहिरले कूदत रहीं. रउरा मन के बात हम ना जानब त के जानी ? त का...

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लोक कवि अब गाते नहीं – ११

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) दसवीं कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं सम्मान मिलला बाद अपना गाँवे चहुँपल लोक कवि के एगो पंडित के कहल नचनिया पदनिया के बात कतना खराब लागल रहे. बाकिर चेयरमैन साहब का...

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भोजपुरी आन्दोलन से नेतवन के हटावल जाव

साहित्य अकादमी के नया चुनाइल उपाध्यक्ष प्रो॰ विश्वनाथ उपाध्याय के कहना बा कि भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा दिआवे खातिर चल रहल कोशिश बेमतलब बा. जरुरत बा कि पहिले भोजपुरी के साहित्य समृद्ध कइल जाव. भोजपुरी भाषा के राजनीतिक चोला...

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खबर एक नजर में (10 जुलाई 2011)

भोजपुरी आन्दोलन से नेतवन के हटावल जाव साहित्य अकादमी के नया चुनाइल उपाध्यक्ष प्रो॰ विश्वनाथ उपाध्याय के कहना बा कि भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा दिआवे खातिर चल रहल कोशिश बेमतलब बा. जरुरत बा कि पहिले भोजपुरी के साहित्य समृद्ध कइल...

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