Author: Editor

जबले हरियरी रही, कजरी गवात रही

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल चाहे शहर होखे भा गाँव आ गाँव में त अउरी, सावन के महीना आवते शुरू हो जाला लइकन के कबड्डी, खो-खो, चीका आ फनात के मजदार खेल. शहर-ओहर में त लइकियो ईहे गेमवा खेलेली सन बाकिर गाँव अबहिंयो एगो परंपरा का...

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घुमा फिरा के हिन्दुवन के एकता तूड़े में लागल मीडिया का फेर में पड़लन मोदी

अपना देश के मीडिया हर समय एही फेर में लागल रहेले कि कसहूं हिन्दुवन के अपने में लड़वले राखल जाव जेहसे कि हिन्दू विरोधी काम बदस्तूर जारी रह सको. अबकी एह लोग के साथ खुद पीएम मोदी दे दिहलन जब ऊ कुछ नकली गऊरक्षकन का खिलाफ बयान दे...

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देवी देवता के हीनई करत वीडियो का खिलाफ छपरा धधकल

पिछला तीन दिन से बिहार के सारण जिला हिन्दू आक्रोश के लहोक झेलत बा. हिन्दू देवी देवता के हीनई करावल एगो वीडियो मकेर के एगो मुसलमान नवही बेंगलुरु से अपना साथियन के मोबाइल पर भेजलसि आ ओकर पसरल शुरु हो गइल. हिन्दूवन का खिलाफ होखे...

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बाति के बतंगड़

– ओ. पी. सिंह माया महाठगिनि हम जानी. कबीर त ई बाति कहि के आराम से निकल गइलन. आजु के जमाना रहीत त महामाया भा मायावती के चेला चाटी उनुकर खटिया खड़ा कर दिहले रहीत लोग. महामाया के माया तनिका पुरान हो गइल से नयका पीढ़ी के लोग...

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साहब बुझले पियाज, सहबाइन बुझली अदरख (बतकुच्चन-201)

साहब बुझले पियाज, सहबाइन बुझली अदरख. ना ना, बतावे के कवनो जरूरत नइखे कि हम गलत कहाउत कहत बानी. असल कहाउत हमरो मालूम बा बाकिर सेकुरल कब कवना बात प बवाल मचा दीहें केहु ना बता सके. आ मतलब बात समुझवला से बा, कहाउत के माने भा ओकरा...

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