Category: सरोकार

भोजपुरी गीतन में फूहड़ता

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल हम छुट्टी ना रहला का कारन गायन के गिनल-चुनल कार्यक्रम दिहींले. एहसे जहाँ गावल असहज लागी, ओहिजा पहिलहीं मना कऽ दिहींले. पहिलहीं जानकारी ले लिहींले कि कवना तरह के प्रोग्राम बा आ के-के आवऽता. ठीक...

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भुखाइल पेट के सांच

– जयंती पांडेय छपरा में दुपहरिया के भोजन क के 23 गो लईका मर गइले सन एह बात से दुखी बाबा लस्टमानंद नेताजी से पूछले कि, हे सरकार, अइसन काहे हो ता? लइकन के जियरा त अंखड़ेरे चल गइल. लईका देश के भविष्य होले सन. नेताजी के रासा...

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कइसन रही अगर अँजोरिया भोजपुरी किताब प्रकाशन का मैदान में उतरे?

किताब के लिखो जब केहू छापही वाला नइखे. किताब के छापो जब केहू खरीदही वाला नइखे. किताब कइसे खरीदे केहू जब किताब लिखइबे ना करी, छपबे ना करी. किताब कइसे खरीदाव जब घर खरची चलावले मुश्किल होखल जात बा. समस्या विकट बा. कहाँ से शुरू कइल...

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