Category: सरोकार

भुखाइल पेट के सांच

– जयंती पांडेय छपरा में दुपहरिया के भोजन क के 23 गो लईका मर गइले सन एह बात से दुखी बाबा लस्टमानंद नेताजी से पूछले कि, हे सरकार, अइसन काहे हो ता? लइकन के जियरा त अंखड़ेरे चल गइल. लईका देश के भविष्य होले सन. नेताजी के रासा...

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कइसन रही अगर अँजोरिया भोजपुरी किताब प्रकाशन का मैदान में उतरे?

किताब के लिखो जब केहू छापही वाला नइखे. किताब के छापो जब केहू खरीदही वाला नइखे. किताब कइसे खरीदे केहू जब किताब लिखइबे ना करी, छपबे ना करी. किताब कइसे खरीदाव जब घर खरची चलावले मुश्किल होखल जात बा. समस्या विकट बा. कहाँ से शुरू कइल...

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एक दिन बेटी खातिर तीरथ-व्रत करी लोग

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद के घर के सामने तिवारी जी के घर बा. बाबाजी गाय भैंस पोसले बाड़े आ पोता होला के आस में दूध बेच दे तारे, पोती लोग के दूध ना पियइहें. तिवराइन कहेली कि ‘का जाने कहां से ई लछमी जी लोग दउरल-दउरल चल...

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