Category: सरोकार

बतकुच्चन ‍ – ८३

केकर केकर लीहीं नाम, कमरी ओढ़ले सगरी गाँव. अब रउरा कहब कि हम का हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत उठा दिहनी. परब तेहवार का समय में ई करिखा आ कजरी वाला मुद्दा उठा के मूड बिगाड़त बानी. जी हमहु जानत बानी कि आजु काल्हु भईंसासुर मर्दिनी...

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फेरू बैतलवा डाल पर…

– शिलीमुख हमहन का लोकतंत्र में अक्सर हुल्ल-हपाड़ मचत रहेला. ऊहो एकदम ठेठ अंदाज में. कबो संसद का भीतर त कबो बाहर. घोटाला, लूट आ भ्रष्टाचार पर कवनो साल बाँव (खाली) ना जाला. बलुक अब त हर चार-छव महीना में घोटाला के नये-नया...

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अप्रवासी भारतीय दिवस में भोजपुरी भाषा के प्रतिनिधि रहीहें रवि किशन

मॉरिशस में होखेवाला अखिल भारतीय दिवस के आयोजन भ भारत सरकार आ मारीशस सरकार मिल के करत बाड़े. एह आयोजन में भारत सरकार भोजपुरी सिनेमा के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन के बतौर स्पीकर भोजपुरी भाषा के प्रतिनिधि बने खातिर चुनले बिया....

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बतकुच्चन ‍ – ८२

“छोड़ु छोड़ु मखिया रे आजु के रतिया / हिया भरि देखुँ दमाद अलबेलवा रे.” बाकिर सासू करसु त का? “सासु के अँखिया लगल मधुमखिया रे/ देखहू ना पवली दमाद अलबेलवा रे.” आ दमाद के खासियत अइसन कि ना देखवले बने, ना...

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