बतकुच्चन – ८२
“छोड़ु छोड़ु मखिया रे आजु के रतिया / हिया भरि देखुँ दमाद अलबेलवा रे.” बाकिर सासू करसु त का? “सासु के अँखिया लगल मधुमखिया रे/ देखहू ना पवली दमाद अलबेलवा रे.” आ दमाद के खासियत अइसन कि ना देखवले बने, ना...
Read More“छोड़ु छोड़ु मखिया रे आजु के रतिया / हिया भरि देखुँ दमाद अलबेलवा रे.” बाकिर सासू करसु त का? “सासु के अँखिया लगल मधुमखिया रे/ देखहू ना पवली दमाद अलबेलवा रे.” आ दमाद के खासियत अइसन कि ना देखवले बने, ना...
Read MoreAfter coming out of ‘Bigg Boss-6’ Bhojpuria superstar Nirahua has no gruge against anyone. Says that his fans are simple and honest and what they have decided is above question. He honors the verdict. In an interview...
Read MorePosted by Editor | Oct 15, 2012 | कविता, पुस्तक चर्चा, सरोकार |
काल्हु अतवार १४ अक्टूबर का दिने बलिया के श्रीरामविहार कालोनी स्थित “पाती” पत्रिका आ विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया कार्यालय पर एगो विचार आ कवि गोष्ठी भइल. एह गोष्ठी में पाती पत्रिका के सितम्बर अंक के विमोचन का साथे...
Read Moreभउजी हो! का बबुआ? तोहरा के भोजपुरी में एसएमएस भेजला पर जेल ना नू होखी? काहे बबुआ? सुननी ह कि सरकार नियम बना दिहले बिया कि मेहरारूवन के भा लड़िकियन के अश्लील एसएमएस भा एमएमएस भेजला पर तीन साल के जेल मिली. ठीके नू बा. एहमें का...
Read Moreपाती के सितम्बर २०१२ अंक प्रकाशित भइल. डाउनलोड कर के पूरा पत्रिका पढ़ीं. – डा॰ अशोक द्विवेदी भाषा ऊ हऽ जवन समय से उपजल परिस्थितियन में- हमहन के जिये आ अपना जरूरतन खातिर, एक दूसरा से मिले-जुले, बोले बतियावे लायक बनावेले, जवन...
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