Category: सरोकार

केसर के गंध लेके पुरवा चलल रहे

(स्मरण – आचार्य गणेशदत्त ‘किरण’) (पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 8वी प्रस्तुति) – प्रभाष कुमार चतुर्वेदी (आखिरी पाँच बरिस) कविता केसर का गंध जइसन मादक आ पागल बनावे वाली होले. कवि के रचना पर कवि अपना आ...

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भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता खातिर सांसदन से गोहार

प्रोफेसर रविकांत दूबे के अध्यक्षता वाला बिहार भोजपुरी अकादमी का ओर से लोकसभा के करीब एक सौ सांसदन के चिट्ठी भेज के गोहार लगावल गइल बा कि भोजपुरी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर ऊ लोग संसद में आक्रामक बाकिर...

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बावन गो बौना पर, एक किरन-बावनी

(इयाद) (पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 7वी प्रस्तुति) – आचार्य गणेश दत्त ‘किरण’ जन्म: मई 1933 मृत्यु : सितंबर 2011 गहिर संवेदना, इतिहास-बोध, पौराणिक लोक-परम्परा के समझ आ कल्पना-प्रवणता वाला आचार्य गणेशदत्त...

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चिहुँकला के जरुरत नइखे

अँजोरिया के ई रूप जानबूझ के कइल गइल बा कि पहिला पन्ना जल्दी खुल जाव आ ओकरा बाद जब रउरा कवनो सामग्री के विस्तार पढ़े के चाहीं तबहिये विज्ञापन वगैरह सामग्री सामने आवे. ई सुधार कइसन लागल कमेंट लिखल मत भूलाईं. जानल चाहत बानी कि रउरा...

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पाती के अंक 62-63 (जनवरी 2012 अंक) से – 3

सामयिकी आधी आबादी के बदलत चेहरा – ‍आस्था जिनिगी में, हार, असफलता आ पीछे छूटि गइल आम बात हऽ. सपना पूरा ना भइल त एकर मतलब ई ना हऽ कि सपना देखले छोड़ दिहल जाव. उमेद मुए के ना चाहीं. उमीद आ सपना जिया के राखल आ ओके पूरा करे...

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