बतकुच्चन २२
हिन्दी में “कल” के जवन मतलब होखे भोजपुरी में त एकर मतलब बिल्कुले अलग होला. कहल जाले कवनो करवट कल नइखे मिलत. अतना बेकल हो गइल बानी एह कलकानी से कि बुझात नइखे कि का करी. कल मतलब कलपूर्जा वाला कल, कल कारखाना वाला कल, आ...
Read Moreहिन्दी में “कल” के जवन मतलब होखे भोजपुरी में त एकर मतलब बिल्कुले अलग होला. कहल जाले कवनो करवट कल नइखे मिलत. अतना बेकल हो गइल बानी एह कलकानी से कि बुझात नइखे कि का करी. कल मतलब कलपूर्जा वाला कल, कल कारखाना वाला कल, आ...
Read Moreपिछला दिने जवन कुछ भइल तवन बहुत दुखद रहल. मुंबई पर एक बेर फेरु से आतंकी हमला हो गइल तब बुझाइल कि देस के जनता कतना बेअसरा हो गइल बिया. केहू नइखे जे ओकरा के असरा, आश्रय, पनाह दे सको. जे दे सकत रहे ऊ त खुदे बेअसर हो के रह गइल बा....
Read Moreपिछला पखवारे राजनीतिक हिसाब से बहुते हंगामेदार रहल. एह बीच कुछ लोग माल सरका के सरकार से सरकि लिहले त कुछ लोग अपना सरकावे का काबिलियत का चलते सरकार में घुसे के हिसाब किताब लगावे में लागल रहले. अलग बाति बा कि उनकर चलल ना. अब सरकल...
Read Moreआजु जब हम ई बतकुच्चन लिखे बइठल बानी त खबर चल रहल बा कि सुप्रीम कोर्ट करिया धन पर स्पेशल जाँच दल बना दिहले बिया. ओकर कहना बा कि सरकार बिना खरकोंचले कुछ करत नइखे. हँ हँ मानत बानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश में खरकोंचल शब्द नइखे बाकिर...
Read Moreपिछला पखवारा जब डीजल किरासन आ रसोई गैस के दाम बढ़ावल गइल त लागल कि बिछी डंक मार दिहले होखे. बिछी मरला के दरद के लहर जइसन एह महँगाईयो के लहर उठे लागल बा. आ बिछी के लहर से याद पड़ल कि बरखा का चलते सगरो बिछलहर हो गइल बा आ सम्हरि के...
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