Category: साहित्य

गजल

– डा॰अशोक द्विवेदी कम में गुजर-बसर रखिहऽ! घर के अपना, घर रखिहऽ! मुश्किल-दिन जब भी आवे दिल पर तूँ पाथर रखिहऽ. जब नफरत उफने सोझा तूँ ढाई आखर रखिहऽ. आपन बनि के जे आवे सब पर खास नजर रखिहऽ. दर्द न छलके ओठन पर हियरा के भीतर...

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अलम्म

– रामरक्षा मिश्र विमल भिनसहरा, करीब तीन बजे. साफ-साफ मुँह अभी नइखे चिन्हात केहूँ के अँजोरो. चन्दा आपन लुग्गा-फाटा बन्हली मोटरी अस आ कान्ही प धइके निकलि गइली पिछुवारी मिहें. नइहर से थेघ पहिलहीं टूट गइल रहे, एहसे फुआ ओरि डेग...

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धूर

– चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह “आरोही” गाँव का दक्खिन पश्चिम का कोना पर एगो विशाल कोठीनुमा मकान बा. ओह पर लिखल त बा श्रीराम भवन बाकिर दसई भवन का नाम से विख्यात बा. मकान मालिक का पुरखन में केहू दसई भइल होई. प्रखण्ड...

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अँगनवा लागेला परदेस

– शिवजी पाण्डेय ‘रसराज’ सावन आइल तूँ ना अइलऽ गइलऽ कवना देस अँगनवा लागेला परदेस! हरियर धरती लगे सुहावन, करिया बदरा डोले, दुअरा पर झिंगुर झँकारे, ताले दादुर बोले, पानी-भरल बदरिया झूमे, उड़ा के करिया केस. अँगनवा...

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दोहावली

– (स्व॰) मोती बी॰ए॰ मों तो मोती बावरा यद्यपि हों जलजात सीपी में सागर तिरे, सीप न सिन्धु समात. स्वाति बून पाके मगन, गहिरे गहिरे पइठ मोती ले के गोद में, गइल अतल में बइठ. गोताखोर सराहिये साहस विकट कराल पइठ सिंधु के पेट से...

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