गीत
– शिवजी पाण्डेय ‘रसराज’ हम गरीबने पर अइसन, अन्हेर काहें? देहि धुनलो पर खइला में देर काहें?...
Read More– रामरक्षा मिश्र विमल हिंदी लीखे में पानी छूटेला हमरा भजपूरी* काहें लिखवावत बानी भाई ? पग पग...
Read More– डॉ राधेश्याम केसरी केतना बदल गइल संसार, कतहुँ नइखे अब त प्यार। खाली लाभ के खातिर, झूठे बनल...
Read More– भगवती प्रसाद द्विवेदी आजु जब खेती-किसानी में जीव-जाँगर आ जिनिगी खपावेवाला गरीब किसान...
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