प्रगतिशीलता के नाम पर
– डॉ ब्रजभूषण मिश्र भाषा सब अइसन भोजपुरी साहित्य में बेसी कविते लिखल जा रहल बा. दोसर-दोसर...
Read More– लव कान्त सिंह फगुआ के शुरू हो गइल रहे चकल्लस ऊ हमरा तरफ देखलस या कहलस भइया जी हम तहरा के...
Read More– डॉ अशोक द्विवेदी लोकभाषा में रचल साहित्य का भाव भूमि से जुड़े आ ओकरा संवेदन-स्थिति में...
Read MorePosted by Editor | Feb 14, 2017 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
डॉ. नंदकिशोर तिवारी द्वारा संस्कृत के कवि भास के भोजपुरी में अनूदित कुछ नाटक डॉ. नंदकिशोर तिवारी...
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